वर्ष २०११ भिवाड़ी र...
 
Notifications
Clear all

वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

47 Posts
2 Users
0 Likes
1,379 Views
श्रीशः उपदंडक
(@1008)
Member Admin
Joined: 2 years ago
Posts: 9504
Topic starter  

अब जैसे निर्देश हए थे, उसका पालन किया गया, अंदर के एक क्षेत्र में, एक मंदिर बनवाया गया! 

मंदिर बहुत सुंदर बना! जैसे बाबा हाज़िम की कृपा मिली हो उस मंदिर को! ये श्री महाऔघड़ का मंदिर है! साथ ही दो पिंडियां हैं, एक बाबा अजाल के लिए समर्पित, 

और एक बाबा हाज़िम के लिए! फैक्ट्री बनी! खूब चली, जितना उन्होंने सोचा था, उस से खराब पचास गुना ज्यादा! 

आज सब मंगल है वहाँ! उस मंदिर में, आज भी दीये लगते हैं! वे तीनों ही लगाते हैं, मज़दूर भी हैं, वे भी लगाते हैं, उन तीनों के परिवार भी आते हैं, वे भी लगाते हैं। आज वो स्थान, वैसा ही लगता है, जैसा मैंने बाबा अजाल का देखा था! मैं कभी नहीं मिल पाया दुबारा, जाना हुआ, तो मात्र उन दोनों भाइयों से ही मुलाक़ात हुई, हाँ, मंदिर में फूल अवश्य ही चढ़ाये, दीये के साथ! जय बाबा अज्राल! जय बाबा हाज़िम! साधुवाद! 

 

 


   
ReplyQuote
(@prashantdhumal)
Estimable Member
Joined: 6 months ago
Posts: 117
 

जय बाबा अज्राल और धन्य धन्य है बाबा हाजीम....


   
ReplyQuote
Page 4 / 4
Share:
error: Content is protected !!
Scroll to Top