श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: May 3, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और अब मैंने अहिराक्ष का आह्वान करना आरम्भ किया! ये अहिराक्ष एक आसुरिक वीर है! सो का कट्टर और प्रबल शत्रु है! इसका भोग भी सर्प-मांस ही होता है! ये भक्ष...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

कौशिकि लगने लगी थी! अभी हम सोच ही रहे थे, अलख में ईंधन झोंक रहे थे कि, मुझे अपने आसपास किसी की मौजूदगी का एहसास हुआ, लगा, कि कोई तो है जो हमारे ऊपर, न...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और कौशकि ने, ये असम्भव कार्य कर दिखाया था! मैं तो जैसे अब खाली हाथ ही था! मेरी हालत उस समय, एक मदारी के समान थी, जिसकी मदार- विद्या किसी और मदार-ज्...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और फिर वही आई निकल कर, शरीर का वर्ण लाल हो गया था उस क्रिया के प्रभाव से, वो क्रोध में थी, उसके संग वो रंगवल्लिका और दूसरी सखी सिंहपर्णिका भी थीं, वे ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

हाथों में थी, कौशकि तो बाज नहीं आ रही थी, मैंने उन सो को बहत त्रास दिया था लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा था, अब कुछ ऐसा करना था कि कौशकि मज़बूर हो जाए। कुछ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और ये सुन, मैं ज़ोर से हंसा! "तेरे पराक्ष लोक में एक भी ऐसा पराक्ष नहीं जो मेरे टुकड़े करे! मैं चाहँ तो तुझे अभी अपनी जटाओं से बाँध सकता हूँ कौशकि! पह...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और मैं खड़ा खड़ा हँसता जा रहा था! ये अजीब नज़ारा देखे जा रहा था! और फिर वे रक्षक उड़े! सारे के सारे! वे पराक्ष-कन्याएं उड़ीं! वे पराक्ष-पुरुष उड़े!...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

अब अलख पर बैठा मैं, सघन मंत्रोच्चार किया आरम्भ, बाबा नहुल नाथ भी, हाथ जोड़कर बैठ गए थे, और बाबा भूषण अलख में ईंधन झोंक रहे थे। मैंने अब एक महा-घातिनि ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

ढेर बन गया था साँपों का! लेकिन किनारे आकर भी, उनको चैन नहीं था! अभी तो शरीर फूलना था उनका! और फिर फट जाना था! और यही हुआ! साँपों के शरीर अब फूलने ल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

उसकी! इसी मुस्कान पर फ़िदा हो गया था वो भूप सिंह! अंजाम नहीं जानता था इस मुस्कान का! बहुत कंटीला प्रेम था! प्रेम न ही कहूँ तो उत्तम है, ये आकर्षण ही थ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

लेकिन उस समय मुझे उत्तर देना था, इसीलिए, आवाज़ कहाँ से आई, ध्यान नहीं देना था। मैं वहीं खड़ा रहा, हाँ, अपना त्रिशूल उठा लिया था मैंने अपने दोनों...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और तभी पानी उठा ऊपर! जैसे आकाश ने खींचा हो उसे, जैसे, ज्वार-भाटा सा आया हो उधर! पानी की बूंदें बिखरने लगी थीं! मेरे चेहरे और शरीर पर बूंदें पड़ रही थी...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

इसका अर्थ भी जान गया था! रंगवल्लिका अर्थात पराक्ष में से नृत्य कन्या! "और उसका?" मैंने दूसरी की तरफ इशारा करते हुए पूछा, "सिंहपर्णिका" वो बोली, ये भी ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

ये तो कुछ कुछ नागदौत सा था! लेकिन नागदौत सफ़ेद होता है, ये लाल था, कुछ कुछ पीले रंग में, बसंती सा रंग था इस नागदौत का! "लो" वो बोली, मैंने हाथ में लिय...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

कमर में पड़ी वो तगड़ी तो कमर को ही झुका देगी उनकी! कम से कम बीस किलो स्वर्ण तो रहा ही होगा! उनके चेहरे ऐसे सुंदर थे कि कल्पना से भी परे! आँखें, नाक...

2 years ago
Page 367 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top