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ही विशेष थी! वो वो, वो शतभाल क्रिया! मेरे इस पूर्ण तांत्रिक-जीवन में आजतक मैंने शतभाल क्रिया नहीं देखी थी, सुनी अवश्य ही थी, लेकिन कभी बैठा नहीं था उस...
"ये लो, मैंने ही बनवायी थी" बाबा अमर नाथ बोले, कलेजी की तरफ इशारा करके,"अच्छा! बहुत लज़ीज़ बनी हैं!" मैंने कहा,"खाइये फिर" बोले वो!और हम सभी ने एक एक टु...
कोई नहीं है ये कौमुदी?ऐसा कैसे?"हाँ, कोई नहीं! कौमुदी एक जंगली पुष्प है, और एक शिला-खंड! हाँ, एक मुद्रा को भी कौमुदी-मुद्रा कहा जाता है, आजकल के समय म...
बैठ गया था, बाबा गिरि बाबा के पास बैठ गए थे!बारिश ने गति पकड़ ली थी! छत पर ऐसे पड़ रही थी जैसे गोलीबारी हो रही हो! और बाहर तो पूछो ही मत! सब कुछ तरबतर क...
"अब बाबा कैसे हैं?" मैंने पूछा,"दोपहर में बुखार था उन्हें, काढ़ा दिया है उनको, खांसी-ज़ुकाम भी हो गया है" वे बोले,"मौसम की चपेट में आ गए हैं" मैंने कहा,...
चार बजे करीब आई तो थी, लेकिन आधे घंटे के बाद, फिर से चली गयी थी! कमरे में वही मिट्टी के तेल की डिबिया जला ली गयी थी! थोड़ा बहुत प्रकाश हुआ था उस से, कम...
अब रहस्य ऐसे आगे और गहरा जाता है, सो गहरा गया था! न जाने कैसी मदद चाहते हैं मुझसे वो, न जाने क्या बात है!"अजीब सी बात है" मैंने कहा,"कैसे?" उन्होंने प...
मैंने कहा,"शहरों में पेड़ आदि काट दिए जाते हैं, घनत्व बनता नहीं, बारिश कहाँ से हो!" बोले वो!"हाँ, ये ही बात है" मैंने कहा,तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई,शर्मा...
बत्ती अभी तक गोल थी, नहीं आई थी, हमारे मोबाइल्स भी चार्ज नहीं थे, बैटरी आधे से ज़्यादा खत्म थी, अब बत्ती आती तो इनको भी इनकी ख़ुराक मिलती! "मैं आता हूँ ...
"कुछ भी हो, मामला संगीन सा लगता है" बोले वो,"निःसंदेह!" मैंने कहा,तभी बिजली फिर से कड़की!खिड़की के रास्ते प्रकाश अंदर आया!और एक पल के लिए मुझे सामने दीव...
मैं उठ खड़ा हुआ, शर्मा जी भी उठ गए, लेकिन बाबा गिरि वहीँ बैठे रहे,"कमरे में ही रखी होगी डिबिया" बोले बाबा गिरि,"ठीक है, देख लेते हैं" बोले शर्मा जी,अब ...
लगा! नाका, अर्थात दैत्य, जिसके प्राण या तो किसी तोते में बसते थे अथवा किसी गुड़िया में! अब समझ आ गया था कि प्राण कैसे बसते हैं! ये मूर्ति भी कुछ ऐसी ही...
उत्सुकता के बिच्छू डंक मारें!"बताइये?" मैंने पूछा,"बता दोऊँगा, ज़रूरी भी है" वे बोले,आखिर में नहीं बताया उन्होंने!"लो" वे बोले, गिलास भर दिया था उन्हों...
सी होने लगी! सच में, एक अजीब सी चिढ़न!"कब की बात है ये बाबा?" मैंने पूछा,"जब उनकी उम्र चालीस बरस थी" वे बोले,चालीस बरस!एक प्रबल औघड़!वाह! क्या लगन थी!"औ...
बाबा गिरि बाहर गए, और कुछ देर बाद ही अंदर आ गए! शायद सहायक को बता कर आये थे कुछ माल-शाल लाने के लिए!"और आपके गुरु जी कैसे हैं?" बाबा ने पूछा,"स्वस्थ ह...
