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तभी। तभी एक एक घटना याद है उनको! "जब बाबा अंबर नाथ का अंत हो गया था, तो डोर अब बाबा कंदक के हाथों में थी, उनको बहुत सदमा पहुंचा था बाबा की मौत का, लेक...
को जैसे सांप सूंघ गया! वे सात लोग भाग छूटे! और कंदक, वहीं खड़ा खड़ा, अचेत हुआ! बाबा अंबर नाथ का अंत हो गया! और अंत, अंत अब किसी भी ऐसी समस्या का, ज...
गुरु-पथ पर ही चल रहा था! "कंदक!" बोला बाबा, "हाँ बाबा?" बोला कंदक, "ये ऐसे नहीं मानेगी! ये कोई, अलग ही महाशक्ति है, जिसको या तो सिद्ध किया है उस पागल ...
. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . बाबा कंदक तो समझ गया...
"नहीं बाबा! मैं संग ही हैं आपके!" बोला कंदक! "कंदक! अलख उठा! अब मैं भौमर को भेजूंगा!" बोला बाबा! भौमर! एक महाप्रेत! वाचाल जैसा प्रबल महाप्रेत! खोज-खबर...
और तभी वो अलख, जैसे फट पड़ी! अंगार बिखर गए आसपास, कुछ उन पर भी गिरे! ये देख, बाबा का कलेजा मुंह को आया! और कंदक नाथ! मारे भय के भयभीत श्वान जैसा हो गय...
. . . . . . . . . देख के लिए। देख! सामान था उनके पास पता करने के लिए! वो मिठाई! वही काम आती! और राज खुल जाता! सिवाने पहुंचे...
था! इसीलिए, कुछ नहीं दीख रहा था उनको! "क्या तू ही मंगल है?" पूछा बाबा ने! "हाँ बाबा' मंगल ने कहा, अब बाबा ने उसको गौर से देखा! उसका रूप-रंग! देह, उ...
रात बना रहा!और सुबह पाव फटते ही, बंद हो गया था! मित्रगण! चमत्कार छिपते नहीं। और खबर फैलते देर नहीं लगती! बाढ़ तो फिर भी देर में आएं, खबर, जंगल में आग ...
खाया करता था, जो उसे दीवाली को मिला करती थी! बस, यही थी उसकी दीवाली! और कुछ नही और गाँव के कुछ लोग, उस पुराने मंदिर में भी आ जाया करते थे, पूजा-पाठ कर...
अब मन सही नहीं था, न चाहकर भी वो मंदिर मेरे सर में घंटे बजा रहा था। थोड़ी देर में सामान आ गया, और रख दिया उसने वहीं, पानी ठंडा था, काम बढ़िया हो जाना ...
जकड़न और गठित हो गयी उसकी भुजाओं की! लेकिन अब आँखें न मिला सकी उस से! एक महायक्षिणी अब पस्त थी उस तिनके स्वरुप मानव से! और उसके उस वॉल प्रेम के कारण! ...
. . . .. . . . . . . वो धड़कनें सुन सकती थी, उस मंगल की! काफी देर बीती उन्हें ऐसे ही! और फिर मंगल हटा! "अब चलें बुधवि?" ...
बुधवि मुस्कुराई, और जल से बाहर चले दोनों! जब बाहर आये, तो वस्त्र भी गीले नही थे उनके! जल प्रकृति भूल जाता है किसी यक्ष के समक्ष! वही हुआ था। वे आ गए थ...
दिखाई दिए वो तालाब! एक छोटा, और एक बड़ा! "वो देख बुधवि! वो देख!" खुश हो कर बोला वो! "हाँ! आ गए हम!" वो बोली, "आ, मैं दिखाता हूँ, मैं कहाँ सोता था!"...
