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पांच धाराएं एक साथ गुजरती हो! महामंडया, चर भाव की संधिका है! एक स्थान पर अधिक वास नहीं करती! इसी कारण से, झरने आदि के पास ही इसकी साधना का विधान है...
दमखम! मैं उठा! और भागा आया वापिस अपनी साधिका के पास! साधिका अलख थामे हए थी! मैं बहुत प्रसन्न था, जैसे मैंने अभी कोई सोम-बूटी खायी हो! मैं खड़ा हुआ। अट...
भम्म! भम्म! अलख में से आवाज़ आई! मैंने अट्टहास लगाया! वहाँ! वहाँ मंत्रोच्चार में डूबा था वो श्रेष्ठ! आज श्रेष्ठ ही द्वन्द लड़ना था उसे! नहीं लड़ता, तो...
और सभी मुंड गायब! मैं आया वापिस! और तृष्ट्रिका मंत्र पढ़ा! ज़मीन पर बैठा, और किया त्रिशूल आगे! भक्क से उसके परिवारजनों के शव नीचे गिरने लगे! जलते हुए!...
और प्रकट हुआ वाचाल! और हुआ मुस्तैद! उसके बाद, कर्ण-पिशाचिनी का आहवान किया! पौने घंटे में, वो भी प्रकट हुई! अग्नि के गोले पृथ्वी पर डोलने लगे!! और भ...
हालांकि वो अरुण और बाबा मैहर के संग ही श्मशान में ही रहने वाले थे, फिर भी, मेरे से प्रेम के कारण, मेरे इर्द गिर्द ही थे! मैंने सारा सामान ले लिया था,त...
आँखें खोल दी उसने! "कालकेय!" बोली वो! मैं हंसा पड़ा!! मृत्युमक्ष सफल हुई! "उठ जा साधिके!" बोला मैं! उठ गयी तभी! फिर मंत्र पढ़ा! और छुआ दिया त्रिशूल उस...
जारी है। "आओ, उठो!" मैंने कहा, और उठा लिया उसको! उठ गई वो मेरा हाथ थाम कर! मैंने क्रिया स्थल की सांकल लगाई, और चल पड़ा उसके संग! आ गए कमरे में अपने...
अब नज़रें चुरानी पड़ीं! "बस एक बार मिला था। मैंने कहा, "कहाँ?" बोली वो, "हरिद्वार में " मैंने कहा, "बस?" बोली वो, "और क्या, बस?" मैंने कहा, "ठीक है!" ...
बना रही थी अपने! "कब जागे थे?" पूछा उसने, "कोई घंटा पहले " मैंने कहा, "मुझे नहीं जगाया?" बोली वो, "तुम्हे ठंड लग रही थी! मैंने सोने दिया!" मैंने कह...
और कुछ नहीं, बस एक बार बात कर लूँ श्री श्री श्री से" मैंने कहा, "हाँ, कल कर लीजिये" बोले वो, "हाँ, कल करूँगा मैं" मैंने कहा, हम खाते पीते रहे और कोई ब...
और चला गया अंदर श्रुति के कमरे में! बत्ती थी नहीं, मोमबत्ती जल रही थी! "वो मैं, अरुण और शर्मा जी के साथ हूँ कमरे मैं!" मैंने कहा, "और जो मैं डर गयी तो...
"हाँ!" मैंने कहा, "कैसे?" पूछा उसने! "ये! ये! ये! ये! वो! वो! सब, क्या नक्काशी है!" बोला मैं! हंसती रही! जानती थी, मंशा क्या है मेरी! बिजली कड़की ब...
"देख लेते हैं!" मैंने कहा, "चलें फिर?" बोला वो, "अभी बाबा मैहर आने वाले हैं।"मैंने कहा, "अच्छा!" बोला वो, बाबा को फ़ोन कर ही दिया था मैंने, आने ही वाल...
और मैं पानी आदि के लिए कहने चला गया! आया वापिस, तो सामान थोड़ा मैं लाया था और थोड़ा सहायक रख दिया, और उसके बाद हुए शुरू! "आज मछली बढ़िया लगती है!" मैं...
