श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

दिल, मुंह को आये,धड़कन बेलग़ाम!रगों में खून, तेज बहे!अब तो सर्दी भी न लगे!बदन में रासायनिक क्रियाएँ होने लगी थीं!घटक, अपघटक और पता नहीं क्या क्या!और तभी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

ये क्या?ये तो एक सपाट मैदान था! बस घास लगी थी, और कुछ नहीं, हाँ, सामने एक कक्ष था, अँधेरे में इतना ही दिखा, न दरवाज़ा दिखा और न कोई खिड़की या रौशनदान! ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

बड़ी मुश्किल से मैंने समय काटा! शर्मा जी सब समझ रहे थे, वे मेरी चिंताओं को बार बार झांग देते थे, लेकिन मेरी चिंताओं की शाखें बार बार बढ़ जाती थीं, मुझे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

'चलो' कहा उन्होंने, और हम चल पड़े उस दीवार की साथ साथ! हम दोनों ही उस चारदीवारी के साथ साथ चलते हुए आगे बढ़ने लगे, दीवार ऐसी कि ख़त्म होने का नाम ही ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

'ये सुगंध कैसी?' बोले वो, 'पता नहीं?' कहा मैंने, 'यहां से आ रही है' बोले वो, एक कक्ष था वो, लेकिन बंद था, ताला लटका हुआ था! 'ये तो बंद है?' कह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

'चलो' बोले वो, और हम बाएं चले फिर! 'साला यहां भी कोई रास्ता नहीं दीख रहा!' बोले वो! 'हाँ, है ही नहीं!' बोला मैं, 'अब?' बोले वो, 'वापिस चलो' ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

'क्या दिखा?' पूछा मैंने, 'वो देखो, यहां आओ' बोले वो, 'अरे हाँ, कोई इमारत सी है शायद' कहा मैंने, 'चलो, देखते हैं' बोले वो, 'चलो' कहा मैंने, अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

उठे, और लेने चले गए थाली, ले आये मेरे लिए भी, मैंने थोड़े से चावल ही खाए, चपाती नहीं! मन ही नहीं था, पता नहीं उत्तमा कैसी होगी? मुझे याद न कर रही हो कह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

ये विद्याधर जहाँ बहुत विद्यावान होते हैं, वहाँ कामुक भी उतने ही होते हैं! कहीं भी इनका चित्रण देखिये आप, सदैव काम-क्रीड़ा में ही उकेरे जाते हैं! ये एक ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

आगे नही बढ़ रहा! जैसे रुक कर, हमें ही देखे जा रहा है! मैं तो बैठना भी भी मुश्किल और खड़े होना भी मुश्किल, बार बार घड़ी देखता था, समय ठहरा सा लगता था उसमे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

आलीशान की सोफे! मेरे तो खोपड़े में रई चलने लगी! ये है क्या? ये किसका प्रासाद है? कजरी का? या उस महाशुण्ड का? दीवारों पर, चित्र बने थे, स्त्रि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

मैं ऐसी भंवर में चक्कर काटूं! 'जाओगी?' पूछा मैंने उत्तमा से! 'आप बताइये?' बोली वो, 'जाओ' कहा मैंने, 'ठीक है' बोली उत्तमा, मुस्कुराकर! ''और क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

मुस्कुराई कजरी! 'मैं भेंट करवा दूँगी उत्तमा की!' बोली वो, 'तो सभी की क्यों नहीं?' पूछा मैंने, 'प्रयास कर सकती हूँ!' बोली वो, 'यदि ऐसा हो जाए त...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

और दरवाज़े को लगा दी सांकल बाहर से, 'आओ' कहा मैंने, और चल पड़ी मेरे साथ वो, मैं ले आया उसको कमरे तक अपने, दोनों बाबा आ ही चुके थे, हम आये तो खड़े हो ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

शर्मा जी भी सो रहे थे, मैंने जगाया उनको! वे जागे और मैं हाथ-मुंह धोने चला गया! वापिस आया, तो वे गए! और उसके बाद हम तैयार हुए, मैंने अपने गले में एक रू...

2 years ago
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