श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

मैंने आकाश में देखा, चाँद चमक रहे थे, तारे भी थे, और अँधेरा भी था काफी! चांदनी खिली हुई थी! सब ओर सन्नाटा पसरा हुआ था! मैं आगे चला थोड़ा! और मुझे आवाज़ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

वो दोनों बाबा, धूल चाटें!"तू देखना चाहता है?" कहा मैंने,"दिखा?" बोली कजरी!"तो देख!" कहा मैंने,और मैं बैठ गया वहीँ, उसी ढेरी पर!कीं आँखें बंद, और जपने ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

अलख नाद लिया और विद्या-ईष्ट को नमन किया!और अब बढ़ा आगे! चला उनकी तरफ! वे दोनों बाबा,अब सामने आ खड़े हुए थे उन तीनों के!मैं रुका, उत्तमा को देखा!"उत्तमा?...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

आवाज़ लगातार आ रही थी, बढ़ती जा रही थी! लेकिन मेरी नज़रें सामने उन्ही चार आकृतियों पर टिकी हुईं थीं! और तभी प्रकाश कौंधा! प्रकट हुआ वही महाशुण्ड! इस बार ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

संधान करते करते, मेरे ऊपर रक्त के छींटे पड़ने लगे!जहां भी पड़ते, फोड़ा सा उभर आता था, फोड़ा बड़ा होता,और फूट जाता, मवाद बहने लगती उनमे से!ऐसा मेरे हाथों, ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"उत्तमा को सौंप दो! चला जाऊँगा!" कहा मैंने,"उसे भूल जाओ!" बोला वो,"उत्तमा?" मैंने पुकारा उसको!जवाब नहीं दिया था मैंने उस महाशुण्ड को!"उत्तमा?" पुकारा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

शांत!मुझे देखे!"महाशुण्ड?" चीखा मैं,और तब देखा उसने मुझे!"तू? महातुच्छ? महातुच्छ है महाशुण्ड!" कहा मैंनेअट्ठहास लगाया उसने!"देखना चाहता है?" बोला मैं,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

बस, रोना छूटा!हिलाया उन्हें!बार बार, शर्मा जी, शर्मा जी पुकारूँ!पागल हो चला था मैं!मेरे प्राण, नीचे पड़े थे, शर्मा जी! मेरे प्राण!मैंने नब्ज़ देखी, कोई ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"तुझसे बात की मैंने?" पूछा मैंने,चुप वो!"तुझसे बात नहीं कर रहा ओ निर्लज्ज स्त्री! कलंक है तो स्त्रियों पर!" कहा मैंने,न बोले कुछ!ऐसा होता है मित्रगण!अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

एक साथ मिलकर, देखें ऊपर उसे!"हिलना नहीं!" कहा मैंने शर्मा जी से,वे वैसे ही खड़े रहे!मैं सामने आ गया उनके, और उनके शरीर को ढक लिया!अब गूंजा अट्ठहास उसका...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"भंजन कर दूंगा तेरा यहीं हराम**!!" बोले वो,अब मैंने अपनी भुजा छुड़ाई! एक झटके से!"लानत है तुम्हारी सोच पर! लानत है तुम्हारी इंसानियत पर! लानत है तुम्हा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

ये सर्प थे, हिस्स हिस्स की आवाज़ उन्ही की होगी!कोई बात नहीं! कोई बात नहीं!मैंने तभी नाहर सिंह वीर का रुक्का पढ़ा!और दी थाप उस गीली मिट्टी पर अपने पाँव स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

और बौछार बंद! वायु तीव्रता से बहे!खड़ा भी न होया जाए!तब मैंने महामुण्डिका का महामंत्र पढ़ा!और दी पाँव से थाप भूमि पर!सर्र की सी आवाज़ हुई भूमि में!और वो ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

आजमाइश सी चलती रही! हाँ, मैं कम से कम ,दस फ़ीट तक पीछे धकेल दिया गया था! और तभी मेरे सामने की भूमि भर्र-भर्र की आवाज़ करती हुई, फट गयी! उसमे दरार पड़ गयी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

बता तो दिया?" कहा मैंने,"वो तो असम्भव है!" बोला वो,"कोई असम्भव नहीं!" कहा मैंने,"क्या करोगे तुम, ओ मानव?" बोला वो,"ये तो महाशुण्ड देख ही चुका है! तभी ...

2 years ago
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