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जब नकाब हटाया तो सच में, दिल में मेरे आह सी निकल पड़ी थी! उसका पूरा जिस्म जैसे आतिश-ए-हुस्न लदा पड़ा था! कद भी करीब मेरे ही बराबर होगा उसका, हाँ, रंग ...
डाला गया था। ऐसा शरबत मैंने सिर्फ जिन्नात में पिया था! जल्दी जल्दी निबटाया और दे दिए गिलास वापिस! गिलास भी चांदी के थे, बड़े बड़े, सेर भर दूध आ जाए उन...
तलवार खोंसे, असलम वहीं रुका, हमें भी रोका, हम रुके, और वो अंदर गया! और कुछ देर बाद, आ गया वापिस! "आइये!" बोला वो, हम अंदर घुसे! क्या आलीशान कमरा था...
हाथ! कद्दावर शख़्स था वो शफ़ीक़-उल्लाह! आँखों में सुरमा और करीने से रखी दाढ़ी! चुस्त पाजामी और सफ़ेद, कुरता! मज़बूत कद-काठी थी उसकी! "मैंने इनको बत...
हकम!" बोला शमीम "जी शुक्रिया! आप तआरुफ़ जनाब?" बोला मैं! "मोहम्मद असलम, इस ख्वाबगाह का चौकीदार हूँ!" बोला वो, "शुक्रिया!" कहा मैंने, "आइये साहब!" बोला...
रही थी! मुग़ल-स्थापत्य काल की है वो हवेली! शानदार! बेहद आलीशान! जैसे आज ही बनी हो! दीवारों पर बने बेल-बूटे ऐसे, जैसे अभी तोड़ लो! पत्थर ऐसे चमकदार कि ...
थोड़ा तीखा-चटपटा खाया वहां! बेहद लज़ीज़ था! बहुत बढ़िया बनाया था, बनावटी स्वाद लाने के लिए रसायन नहीं डाले गए थे बड़े शहरों की तरह! मजा आ गया था! और फ...
जगह! बहुत शानदार! आबादी से दूर, अपना अस्तित्व बनाये हुए! "कितना शानदार नज़ारा है!" कहा मैंने, "बियाबान है जी!" बोले सुदेश जी, "ऐसा ही अच्छा है, शहरी ज...
"झूठ?" बोला मैं, तो इबु ने दी कोहनी दबाकर उसे! चिल्ला पड़ा! गुहार लगाने लगा! "सच कह रहा हूँ, अकेला हूँ, मुझे छोड़ दो, अब नहीं आऊंगा, किसी को तंग नहीं ...
वो वहीं बैठ गयीं, और हम चले अब बाहर, "मझे कोई खाली जगह चाहिए, एकांत" कहा मैंने, "छत ठीक रहेगी?" पूछा उन्होंने, "हाँ, ठीक रहेगी" कहा मैंने, और वो हम...
नमस्कार हुई और और हम बैठ लिए गाड़ी में, सीधा चले स्टेशन, वहाँ से गाड़ी में सवार हए, गाड़ी में ही भोजन किया, आराम किया और हम कोई शाम के बाद, उतर गए हम ...
और अपनी जेब में रखे कागज़ों से, एक तस्वीर दी मुझे, मैंने ली, बड़ी सी सुंदर और मासूम सी बिटिया है राधिका, उन्नीस बरस की है, बेचारी ऐसी तक़लीफ़ झेल रही ...
मै वापिस आ गया! मेरे से खड़ा न हुआ जाए! मै बस, अब गिरा और अब गिरा! सभी के सर पर हाथ रखा उन्होंने और हुए मेरी तरफ! मै जैसे रेत गिरता हैं न किसी बोरे मे...
और तब! तब हाथ रखा महासिद्ध बाबा ने अपना, उस अरुणा के सर पर! मेरे लिए तो, अरुणा भी पूज्य हो गयी! अब आगे आये बाबा! उन दोनों बाबाओं को देखा, और अगले ह...
