श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 28, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

"ये गुस्सा गड्ढे पर दिखाओ?" बोले वो, अब कुछ न बोली! "बाबार" बोले वो, "हाँ जी?" बोले बाबा, "आप भी कहाँ से बंदर पकड़ने वालों से, मगरमच्छ पकड़वा रहे हो?"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

आज ठंडक थी वहाँ, चादर भी ठंडी होने लगी थी, हमने अपने तम्बू का मुंह ढक दिया था कैसे न करके! लेकिन हवा जगह ढूंढ ही लेती है! खैर, चार, साढ़े चार घंटे ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

नाश होता है! रुके हुए सभी कार्य बन जाते हैं! कोई असाध्य बीमारी से ग्रस्त हो, तो ठीक होने लगता है! यदि सोमवती अमावस के दिन उठाया जाए, तो भूमि-लाभ होता ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

और दो नए बाबा आ रहे थे, उनको सबकुछ बता दिया गया था! "दो और आ गए!" बोले शर्मा जी, "हाँ!" कहा मैंने, "ये ऐसे ही पिटते रहेंगे?" बोले वो, "पता नहीं!" कहा ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

सर्प रहता है,पूरा पांच बीघे का खेत, उसके लिए ही छोड़ा है! वो सर्प, उनके साथ ऐसा घुल-मिला है कि उनकी गरदन में जाकर, कुंडली मार आराम से सो जाता है। वे उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

अभिमंत्रण किया उसका, और फेंका गड्ढे में! भम्म की सी आवाज़ हुई उसकी क्षण! और गड्ढे में आग भड़क गयी! कौशुकि पीछे हुई। मैं भी पीछे हुआ! वो हई खड़ी! एक...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

"वो तो सही है, लेकिन अब कुछ करो आप!" कहा मैंने, "मैं कर रही हूँ" बोली वो, "आज देख लो, हो जाए तो बहुत अच्छा, नहीं तो मैं कुछ करता हूँ फिर" कहा मैंने, "...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

और मैं सभी को ले चला अपने संग! वहीं, जहां मुझे वो ताप वाला गड्ढा मिला था, जहां वो कलश था! और जैसे ही आये उधर, सभी के होश उड़ गए वो दृश्य देखकर! हम ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

मैं करूँगा, नौ दिन हए जा रहे हैं आखिर" बोले वो, "बात तो सही है, लेकिन....." बोले वो, "क्या लेकिन?" पूछा मैंने, "आप बात करें उनसे" बोले वो, और फिर क...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

वापिस! बैठे गाड़ी में, और जा पहुंचे फिर उसी स्थान पर! जाते ही, ढेर हुए बिस्तर पर! जब नींद खुली तो दो बजे थे! तब नहाये धोये और निवृत हए! चाय पी, और कुछ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

और वो दो सहायक, टोर्च ले, कुछ ढूंढ रहे थे! हम भीखड़े हो गए! भागे उधर, पहुंचे, वे घबराये हुए से थे! "क्या हुआ?" पूछा मैंने, "सांप! सांप!" एक बोला, "कहा...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

ही रह गया! शर्मा जी भी वाह कह उठे! उसने उस सांप को दोनों हाथों में पकड़ लिया था! सांप, सांप न होकर, उसका पालतू कोई जीव बन गया था! कोई सर्प-विदया प्रयो...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

और फिर हुई शाम, भोजन कर लिया था, पता नहीं आज रात को क्या हो! फिर कोई आठ बजे, हम निकल पड़े वहाँ के लिए! नौ बजे वहाँ पहुंचे,नदी के तट पर! वे जुटे अपन...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

और हम दोनों ही, जूते पहन, भाग निकले वहां के लिए! वहाँ पहुंचे, और खड़े हुए उनके साथ! मैं बाबा के पास गया, "ये क्या हुआ?" पूछा मैंने, "अभी अभी आग लगी गड...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० लखीमपुर खीरी के पास की एक घटना

धचकियां ऐसी कि गाड़ी से अब गिरे बाहर, और तब गिरे! हर धचकी पर, शर्मा जी 'हरे मेरे रा००म' कहा करते थे! जैसी धचकी, वैसी ही आवाज़! हल्की तो हल्की, भारी तो...

2 years ago
Page 289 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top