श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 28, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

चुप ही रही! “कौन था वो जो तुम्हे खींच रहा था?” मैंने पूछा, “वो वहीँ का है वो” वो बोली, “ऐसे ही व्यवहार करते हैं वे लोग?” मैंने पूछा, उसके चेहर...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

वापिस आया, और बैठा, स्नान से ताज़गी मिली और फिर मैं बाहर गया, बाहर बैठा, अभी एस्टेला का कमरा बंद था, अभी नहीं उठी थी वो, उसको सोने ही दिया जा...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“क्या?” उसने पूछा, “अब सो जाओ, सुबह बात करते हैं” मैंने कहा, “अच्छा, ठीक है” वो बोली, “अब सुबह मिलते हैं, आराम करो अब” मैंने कहा, और उठ गया, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“किस बात से डर?” मैंने पूछा, वो कुछ न बता सकी, अब भय तो था, खैर, मैं समझ सकता था, उसको डर था, बाबा की शक्तियों का, बाबा ने डराया होगा उस...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

मुझे डर लग रहा है” वो बोली, “कैसा डर?” मैंने पूछा, “वो..वो बाबा…” वो बोली, मुझे तरस आ गया! मित्रगण! तरस! “एस्टेला! डरो नहीं, समझीं?” मैंने...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

वे भी हँसे! आज रंग में थे! “अरे हाँ?” वे बोले, “क्या?” मैंने पूछा, “वो लड़की? गयी क्या?” वे बोले, “नहीं, यहीं है” मैंने कहा, “ये तो बहुत अच...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“अरे आप नहीं, मैं जाता हूँ” वे बोले, खड़े हुए, और निकल पड़े! उनकी बातें सुन मेरे पेट में गाँठ पड़ गई थीं! आये वे! साथ लेकर आये सहायक को! वो भ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

वे बोले और मैं हुआ दुल्लर हंस हंस कर! वे भी हँसे! “हाँ नहीं तो! बाबा सरूप! मेरे ** पे सरूप! साले तेरी रंडो से हसीन है ये! ले कर आ उसे, न साली मोमब...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

दो कटोरियाँ! रख दीं वहीँ, और चला गया! गोभी की सब्जी और कुछ अचार! रोटियां और कुछ सलाद! “लो, खाओ” मैंने कहा, और उसने खाना शुरू किया, टूक न...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

चुप, लेकिन नज़रें न हटाये! “कहाँ खाओगी?” मैंने पूछा, “हाँ” वो बोली, ये विदेशी लोग अपने खाने के बारे में बहुत पक्के होते हैं! संतुलन रखते हैं, हम ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“अब रो क्यों रही हो?” मैंने पूछा, “नहीं रो रही” वो बोली, “अब आराम करो, समय हो गया है, तुम्हारा कक्ष ये है, आओ मेरे साथ” मैंने चाबी दिखाते हुए बोला...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“जाओ एस्टेला, उठो मेरे कमरे में जाओ” मैंने कहा, वो उठी और चली गयी! “हाँ, अब तू निकल यहाँ से, नहीं तो साले उठवा के फेंक दूंगा अभी!” मैंने कहा, उस...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

कुछ न बोले! “चलो? मैं कहता हूँ?” बोला सरूप! “आँखें नीची कर ले पहले!” मैंने कहा सरूप से! मुझे घूर के देखा! “हाँ एस्टेला? जाना है? बता दो?” मैंन...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

मुझे बुलाया, “आप यहीं बैठना, इसका ख़याल रखना, मैं आता हूँ” मैंने कहा, और चल दिया उसके साथ, सरूप बैठा था वहाँ! गुस्से में! बाबा जौहर के पास! आ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

लेकिन एक विदेशी के लिए ये भयानक बात थी! उसने बताया कि बाबा बहुत शक्तिशाली है, मुर्दों से बात कर लेता है, अब जान से मार देगा वो उसको, उसकी जान खतरे म...

2 years ago
Page 284 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top