श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

वो चुप! “रोग आते हैं चुपचाप, आपको पता चलता है?” मैंने पूछा, “नहीं” वो बोली, “आपकी सांस कब टूट जाए, कुछ पता है?” मैंने पूछा, “नहीं” वो बोली, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

दुःख कैसे हटाया जाए?” उसने पूछा, “सुखों की कल्पना ही न की जाए!” मैंने उत्तर दिया! “अनुपम! सुंदर! बहुत सुंदर!” वो कह उठी! खड़ी हुई! आँखें बंद की...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

अच्छा! और काम को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?” उसने पूछा, “अच्छा प्रश्न है! बताता हूँ! काम कैसे जागृत होता है? किस उद्देश्य से जागृत होता है? जब ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

वो सोच में डूब गयी थी! शायद, आंकलन कर रही थी! कुछ संवर्धन! फिर सर उठाया, और फिर देखा मुझे! मदिरा के मारे उसके सुर्ख होंठों पर लालिमा और निखर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“तो ज्ञान तो सर्वत्र है!” मैंने कहा, “हाँ” वो बोली, फिर से एक और पैग! फिर से खोयी वो! अध्यात्म! इसका कोई अन्त नहीं! कोई लघु-रूप नहीं! को...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

खो गयी! इन उत्तरों में खो गयी वो! सुघ-बुध गँवा बैठी! मैं देखता रहा उसे! वो भी कभी-कभार मुझे देखती! मुस्कुराती! और मैं भी! “आपने कहाँ से ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

सत्य!” वो बोली, “हाँ, सत्य!” मैंने कहा! “सत्य को परखा जा सकता है, असत्य को नहीं! चूंकि असत्य का कोई रूप ही नहीं है!” मैंने कहा! “हाँ!” वो बोली, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

सीखते हैं! ये अप्रत्यक्ष ज्ञान स्थायी होता है! यहाँ तक कि विक्षिप्तता में भी ये ज्ञान जागृत रहता है, जैसे आग जलाती है, पानी गीला करता है आदि आदि!” मैं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

एस्टेला कमरे में गयी, और मैंने बोतल दी उसको, और चला गया सामान लेने! सामान लाया और फिर हम हुए शुरू! एक दो पैग हम ले चुके थे! “एस्टेला?” मैंने कहा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

और फिर आ गयी एस्टेला मेरे कक्ष में! अकेले नहीं रह पाती थी वो! “भोजन हो जाए अब” मैंने कहा, “आप बैठो, मैं कह कर आता हूँ” वे बोले, और चले गए! फ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“एस्टेला?” मैंने कहा, “हाँ?” वो बोली, “मुझे कुछ काम है, दो घंटे लग जायेंगे, अकेले रह लोगी?” मैंने पूछा, रंग उड़ गया चेहरे का उसके! मैं भांप गया...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

दो कप ले आये थे! सो पीनी ही पड़ी! “ठीक है लड़की?” उन्होंने पूछा, “हाँ ठीक है” मैंने कहा, “ठीक है” वे बोले, और चाय पीने लगे हम! चाय ख़तम क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

हाँ” वो बोली, और मैं फिर निकल आया कमरे से बाहर! और चला अपने कमरे के लिए, वहाँ पहुंचा, शर्मा जी उठ चुके थे, और अब नहाने-धोने की तैयारी में लग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

दाद देनी पड़ेगी! वो अकेली इतनी दूर से यहाँ अनजान लोगों में चली आयी थी! कमाल की बात थी! उसने विश्वास किया था हम लोगों पर! और हम ही चीर-फाड़ करने को आमादा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“क्या उम्र है तुम्हारी?” मैंने पूछा, “कितनी होगी?” उसने मुझ से ही पूछ लिया, “अ…कोई पच्चीस-छब्बीस?” मैंने कहा, “सत्ताइस” उसने कहा, “अच्छा!” मैं...

2 years ago
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