Last seen: Apr 28, 2026
“हो सकता है” मैंने कहा, “जो पहले बंधे हुए होंगे और अब मुक्त हुए हैं” उन्होंने कहा, “ये भी सम्भव है” मैंने कहा, अब लाला जी आ आ गए, मैंने उनको व...
वो पीछे हट गया! “अब बता कौन है तू?” मैंने पूछा, “बता दूंगा, तू कौन है ये बता?” उसने पूछा, “तू ऐसे नहीं बतायेगा, रुक जा!” मैंने कहा, और अब मैंन...
मैंने उसका चेहरा देखा! लम्बी लम्बी घुंघराली मूंछें और बाल उसके! शरीर पर मात्र एक धोती पहने हुए! काला जिस्म! वो हंसा! हंसा या दहाड़ा! बात एक...
उन्होंने वैसा ही किया! रात्रि समय खाना खा लिया गया, मैंने मदिरा-भोग भी लगा लिया और कुछ आवश्यक मंत्र भी जागृत कर लिए! मैं थी घुप्प अँधेरे में शर्मा...
सामने पेड़ के पास गड्ढे दिखे! गहरे गहरे गड्ढे! हम आगे बढे! गड्ढों में झाँका! गड्ढों में पोटलियाँ! बड़ी बड़ी पोटलियाँ! ये कुल तीन गड्ढे थे! पेड़ ...
अब हम बाहर की तरफ गए, सांकल खोली और बाहर आ गए, लोगबाग पूजा पाठ में लगे थे, घरों से घंटिओं की आवाज़ें आ रही थीं, कुछ दुकानें भी अब खुलने लगी थीं! बाहर...
पानी आया, सो पानी पिया! थोडा सा आराम करने की इच्छा थी सो लेट गए! अब शर्मा जी ने पूछा, “क्या हो सकता है गुरु जी?” “कुछ भी हो सकता है शर्मा जी, प्...
कहना पड़ा! “अच्छा फिर?” मैंने पूछा, “अब हम हो गए जी दुखी बहुत! तो गुरु जी मैं गया वाराणसी और एक जानने वाले बाबा को ले आया यहाँ! बाबा ने कहा कि वो स...
कहना पड़ा! “अच्छा फिर?” मैंने पूछा, “अब हम हो गए जी दुखी बहुत! तो गुरु जी मैं गया वाराणसी और एक जानने वाले बाबा को ले आया यहाँ! बाबा ने कहा कि वो स...
लाला जी उतरे और एक दूकान तक गए, वहाँ से तीन ठन्डे ले आये! हमने पाना शुरू किया और कुछ देर वहीं इमली के पेड़ के नीचे बने थड़े पर बैठ गए, ये जगह एक छोटा सा...
अच्छा, फिर?” मैंने पूछा, “उसने वो बाल साफ़ कर दिए वहाँ से और पूजा करने लगी, जब पूजा करके आयी तो वो बाल हमारे रसोईघर में पड़े मिले!” लाला जी ने कहा, ...
रही, वो आदमी नीचे उतरा और पेड़ का एक चक्कर लगाया और फिर पेड़ पर चढ़ गया, बेटी ने सोचा शायद चोर को मौका नहीं मिला, लेकिन उसने ये बात हमे बता दी, हमने बत्त...
वहाँ शर्मा जी जागे हुए थे, मैंने स्नान किया और हम वहाँ से सीधे अपने डेरे चले गए, आज यहाँ आखिरी दिन था और अंतिम रात्रि की क्रिया पूर्ण हो चुकी थी, अब व...
मन चंचल है! इसके अनगिनत हाथ हैं और अनगिनत पाँव! और मित्र तो पूछो ही मत! दिशा ज्ञान इसे नहीं! भाव ज्ञान इसे नहीं! हाँ विषय-ज्ञान! इसमें माह...
सभी ने नमन किया! और अब हुआ नृत्य! बम बम! बम बम! गूँज उठा श्मशान हमारे गान और चिमटों की खंकार से! नशे में झूमते औघड़! कोई देख लो तो फ़ौरन ही ...
