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कौन! लम्बा विवरण है ये! आज लाला जी खुश हैं! बहुत खुश! सभी खुश! बाबा अमराल को स्थान मिला और लाला जी को चैन! व्यवसाय तरक्की पर हैं, चैन से मंग...
घर में गंदगी फैला दी थीं उन्होंने! बाल, पत्थर कूड़ा-कचरा सब! हर तरफ! मैं सीधे पेड़ के पास गया, प्रत्यक्ष-मंत्र का जाप किया! वहाँ एक नहीं, न जाने...
रहे अब उनके सेवक प्रेत और महाप्रेत! उनको मैं अब सबक सिखाने वाला था! उस रात मैं उठा क्रिया स्थल से! और भस्म-भांड वहीँ दीप-दान और धूपदान की बीच संजो...
इन्ही लाला हरिमल की वंशबेल में से थे ये लाला हरकिशन! परतें खुलने लगीं थीं अब! डेढ़ सौ वर्ष पुराना तिलिस्म टूटने को था! खैर, लाला हरिमल ने अरिता...
अब मैंने वाचाल-महाप्रेत को प्रकट करने के लिए उसका आह्वान किया! वो बड़बड़ाते हुए प्रकट हुआ, अपना भोग लिया और मेरा प्रयोजन सुना और उड़ चला! दूसरे ही क्षण व...
मतलब वही हुआ, चारों तरफ ढोलक बज रहे थे, तबले की थाप पहचाननी थी! बहुत मुश्किल काम था! लाला जी को मैंने भेज दिया था वापिस, मैं यहीं रहना चाहता थ...
नमस्कार हुई, “ज़रा बाहर देखिये” उन्होंने कहा, मेरी रही-सही ऊंघ भी उतर गयी ये सुनकर! बाहर आया, पूरे आँगन में कंकड़-पत्थर पड़े थे, जैसे रात में बार...
समय निकले जा रहा था! मई फ़ौरन अपने कक्ष में गया और उस भस्म-पात्र को अपने बैग से निकाला, आठ इंच के इस पात्र ने वहाँ ग़दर मचा के रखा था! मैंने तभी शाह...
वे सभी सन्न! अब बाबा अमराल थे भी या नहीं, नहीं पता! कौन ज्येष्ठ पुत्र? ये भी नहीं पता! ये बाबा अमराल कब हुए थे, ये भी नहीं पता! कौन बताये? ...
“हमे झूठ बोलता है?” गुस्से में फटने को वो! “ज़यादा धमक मत! क़ैद कर लूँगा तो देख भी नहीं पायेगा!” अब मैं असली रूप में आया! “तू जानता नहीं मैं कौन हूँ...
“वो बाबा अमराल की भसम है, यहाँ स्थान है उनका, हम उनके सेवक हैं, पहरेदार हैं” वो बोला, “बाबा अमराल?” मैंने पूछा, “हाँ! बाबा अमराल” उसने कहा, “तो ...
अब मैंने मंत्र पढ़े और फिर प्रत्यक्ष-मंत्र का जाप किय और सरसों वहीँ उछाल फेंकी! धम्म! धम्म! दो आवाज़ें हुईं! दो प्रेत उस पेड़ से नीचे कूदे! लम्बे, ...
कटोरी से ही ढका था, मैंने चाकू की सहायता से उसको खोला, उसने भस्म थीं, किसी की चिता की भस्म! किसकी? अब ये सवाल मायने रखता था! और उन चारों का इस स...
“हाँ जी” वे बोले, हम बातें करते रहे, करीब ग्यारह बजे लाला जी आये, पान का बीड़ा खोला और एक पान झट से खोंस लिया अपने जबड़ों में! “गुरु जी, मजदूर ले ...
