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“बदला! बदला! बदला! ओ चौन्सठी मेरा बदला!” उसने कहा और कभी हँसे और कभी रोये! “सुन भुंडा! अब मुक्त हो जा इस जंजाल से!” मैंने कहा उसे! “बिना बदला लिए?...
“देख औघड़! मै तो प्रतीक्षा कर रहा था!” वो हंसा अब जोर जोर से! “प्रतीक्षा? कैसी प्रतीक्षा भुंडा?” मैंने पूछा, “मै जानता था, कोई मेरी मदद-इमदाद नहीं ...
“फिर?” मुझे हैरत हुई उसकी अजीबोगरीब कहानी जानकर! “बौगट बाबा ने क़लम किया उसको” उसने अब फिर से रोना शुरू किया! “ये कौन है बौगट बाबा?” मैंने पूछा, ...
“अधूरा रहा तू अपनी गलती से भुंडा!” मैंने बताया उसे! “नहीं! नहीं!” उसने तेज तेज गर्दन हिला के कहा! “हाँ! तेरी गलती थी ये!” मैंने बताया उसको! “नही...
“देख फिर” भुंडा ने कहा, अब भुंडा ने एक मंत्र पढना आरम्भ किया! मैंने ध्यान से सुना वो मंत्र, ये कौलिक-महामूल मंत्र था! यदि वो उसको जागृत कर लेता तो म...
“क्या?” उसने पूछा, “हंसा भी यहीं है!” मैंने कहा, मेरा आशय फ़ौरन समझ गया भुंडा! “क्या करेगा?” उसने पूछा, “साली रंडी को पेश करूंगा खबीसों के सामन...
कहता हूँ मित्रगण! थूक टकराते ही भुंडा हवा में उछला करीब चार फीट और दूर जा गिरा पुआल पर! “आह! आह! मर गया! मर गया!” भुंडा कराहा! मै आगे भागा वहाँ जह...
उसने फ़ौरन अपना एक नथुना, ऊँगली घुसेड़ के नाक में, बंद किया और एक मंत्र पढ़ा! ये स्राविका-मंत्रमाला होती है, शरीर के प्रत्येक छिद्र से रक्त-स्राव हो जाता...
शर्मा जी वहाँ से भागे और मेरे पीछे आके खड़े हो गए! एक फांसला बना कर! भुंडा हंसा जोर जोर से! वो मेरे करीब आया और अपने मुंह का रक्त मुझ पर थूक दिया! मु...
देखा और गर्राया,”ओ औघड़! तू अभी बालक है! पढ़ाई के दिन हैं! काहे मरने को चला आया मेरे सामने?” “बकवास न कर भुंडा? कायर! साले! अपने आप को कौलिक कहता है? ...
“सुन ओये भुंडा! तेरे जैसे आबा-बाबा मैंने बहुत देखे हैं! ये तेरा रंडी का खसम अभी अपनी गा** उठा के भागेगा यहाँ से!” मैंने कहा! “इतना दम?” उसने कहा, ...
“नौकर?” मैंने पूछा, “हाँ! साले डरपोक कहीं के!” उसने बताया! “अच्छा भुंडा?” मैंने उसके कंधे पे हाथ मारा! “हाँ पूछ ना!” भुंडा ना अब मुझे गले से लगा...
भुंडा ने और दारु डाल दी गिलास में! और एक गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया! मैंने गिलास पकड़ा और खींच गया! बाबा भुंडा मुझे देखता रहा और फिर हंसने लगा! बोला,” सुन...
“बाबा भुंडा?” मैंने कहा, “हाँ बोल?” वो बोला, “हंसा को क्यों मारा उसने?” मैंने फिर से प्रश्न किया! “मेरी जोरू थी वो, इसीलिए मारा उसने” उसने बताया...
“हरामजादा! हरामजादा!” उसने कहा, वो भयानक गुस्सा ज़ाहिर कर रहा था! फिर एक दम धम्म से बैठ गया चारपाई पर! मुझे देखा, मेरा हाथ पकड़ा और बोल,” दारु पिएगा...
