श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

झप्प से सभी सांप लौट चले! विद्या की गंध ने उनको लौटने को विवश कर दिया! रुकते तो मूर्छा को प्राप्त होते और फिर किसी का शिकार! इसीलिए लौट पड़े! “...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

एक मनीर जो काला-नीला होता है, बहुत ज़हरीला होता है, नाग से दस गुना अधिक ज़हर होता है इसमें! शरीर पर सफ़ेद सी धारियां होती हैं, लम्बी सी! कुछ में ये गोल ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

“हाँ!” मैंने कहा, मैंने और भी स्थान देखे, वो जगह एक तिगड्डा थी! तीन तरफ टीले से घिरी हुई, और दोनों तरफ खड़े टीले! मिट्टी और पत्थर के! शर्मा जी ने ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

चूहे बिल बनाते हैं उसके नीचे, सांप से सुरक्षा के लिए!” मैंने कहा, ”अच्छा!” वे बोले, “पक्षी कोटर बना लेते हैं, वहाँ भी सांप नहीं आ पाता!” मैंने कहा...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

कुछ सामान निकाला और कुछ शर्मा जी को दिया! फिर तंत्राभूषण निकाले, स्व्यं पहने और शर्मा जी को भी धारण करवाये! फिर नमन किया! सभी को! “चलें?” मैंने ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

सुनसान! बियाबान! कोई नहीं! कोई पशु भी नहीं! बस परिंदे! और ऊपर उड़ती चीलें! शाम बीती, रात आयी! मैंने सुरक्षा-घेरा खींचा और फिर हम सो गए, क...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

और चल पड़े अपना सामान उठाकर! शाम हो गयी! लेकिन हम उस जगह पहुँच गए! वो टीले नज़र आ गए! वो पहाड़ी नज़र आ गयी! हम पहुँच गए थे! सही-सलामत! “वहाँ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

गर्मी बहुत थी! हम अब बढ़ चले आगे! करीब तीन बजे हमको एक और छोटी पहाड़ी दिखायी दी, उसके बगल में ही एक और छोटी सी पहाड़ी थी, बस, यहीं जाना था हमको! “ल...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

हम आराम से सोये थे! अपना सामान इकठ्ठा किया! बैग में भरा! और फिर से कीकर की दातुन की! हाथ-मुंह धोये और फिर चल पड़े! आज पहुँच जाना था उस जगह! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

हम धीरे धीरे चल पड़े! चार बजे करीब हम पौन रास्ते से अधिक को तय कर चुके थे! अब आराम किया हमने वहाँ एक पेड़ के नीचे! पाँव जवाब दे रहे थे! जूते खोले ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

एक जगह रुके! ये एक खंडहर था! कोई पुराना सा खंडहर! दूर दूर तक बियाबान! “आज यहीं रुकना पड़ेगा!” मैंने कहा, “ठीक है” वे बोले, हमने एक जगह देखी...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

थोड़ी जानकारी जुटाई! और फिर सुबह सुबह वहाँ से निकल पड़े अजमेर के लिए! साधन बहुत हैं, आराम से पहुँच गए! एक रात वहाँ ठहरे! अगली सुबह, अब हमे एक मंदि...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

अगले दिन भी मैंने विद्याएँ और मंत्र आदि जागृत किये! इन सबकी आवश्यकता पड़नी थी वहाँ! ना जाने क्या हो जाए? कहीं देखते ही ना दाग दे मारण-बाण! कहीं आरम्भ म...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

बाहर, वहाँ से रसोईघर पहुंचे और सारे बर्तन आदि ले आये, फिर पानी भी ले आये थे, बर्फ तो साथ ही लाये थे, पन्नी से बर्फ निकाली और जग में डाल दी, पानी ठंडा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ पुष्कर के पास की एक घटना

“शर्मा जी?” मैंने कहा, “जी?” उन्होंने गर्दन उठायी, “आप टिकट कराइये जल्दी” मैंने कहा, “आज करा देता हूँ” वे बोले, “अब नहीं रहा जाता!” मैंने कहा,...

2 years ago
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