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मुझे देखा उसने! और मंत्र पढ़कर ईंधन झोंका उसने! उसने काजल लगाया था! देख-काजल! ये काजल आप भी बना सकते हैं! बस, सामग्री मिल जाए तो! ...
रोक दिया कोड़मा को उसने! कॉम वापिस हो गयी! और फिर लोप! अब दौड़ायी नज़र उसने! चारों तरफ! अपने चेले से कुछ कहा, चेला भाग पड़ा! मैं देखन...
किसी के प्राणों की आहुति चढ़ाने चला था! वो मांत्रिक! अब शुरू करना था खेल! बुज्झन खड़ा हो गया! "कौन है?" वो चिल्लाया! चारों तरफ देखा उसने! ...
"ये एक एक, दोनों के गले में पहना दो" मैंने कहा, और वे झट से चले बाँधने के लिए, और मैंने अब शर्मा जी को बताया, कि क्या मसला है, और हुआ क्या...
नहीं! ऐसा नहीं हो सकता! मैंने एक मंत्र पढ़ा, और उसको फूंका उसके हाथ पर, फिर से सूंघा, मुर्दे की बास! समस्या उलझ गयी! अब एक ही उत्त...
बस! बस! बहुत हुआ! अब बस, बहुत हुआ! "क्या मैं बिटिया को देख सकता हूँ?" मैंने पूछा, "आइये गुरु जी" वे बोले, वे ले गये हमे, एक कम...
मैंने बताया, वे दौड़ पड़े मेरी ओर आने के लिए, इतने में, मैंने यहाँ कुछ सामग्री आदि ले ली, और हो गया तैयार! शर्मा जी आये, पानी पिया, ...
कि उनकी पत्नी का भी सुबह से ये ही हाल हो गया था, उल्टियां, और दस्त, वो भी ख़ूनी दस्त, बड़ा बुरा हाल था, बाप और बेटा और, उनके दो रिश्ते...
चले गए, अब शाम को आना था उनको, मित्रगण! करीब दस दिन गुजर गए! कुछ नहीं हुआ! जितेन्द्र साहब रोज ही फ़ोन किया करते थे! सब ठीक था! लगत...
"हाँ!" मैंने कहा, तभी फ़ोन बजा! ये मेरा फ़ोन था, इलाहबाद से, एक विशेष साध्वी का फ़ोन था! बात की मैंने उस से! और फिर रख दिया फ़ोन! अभी...
और गिलास खाली होने लगा उसके मुंह में जाते हुए! और फिर, उँगलियों से अपनी दाढ़ी-मूंछें सँवारीं! और खीरा चबा गया! हमने भी अपना अपना गिलास खाली...
किसी भी कन्या सम्मुख(साध्वियों के अतिरिक्त), ब्याहता सम्मुख, रोगी सम्मुख, अपंग सम्मुख, किसी के देहावसान सम्मुख, ब्याह सम्मुख, मदिरा का सेवन त्याज्य है...
आसपास की शालतियाँ जागृत होने लगती हैं! प्रेतगण अपना अपना हिस्सा मांगने लगते हैं! कोई ज़बरदस्ती! कोई रो रो कर! कोई गिड़गिड़ाकर! कोई हंस कर!...
बस फिर क्या था! शर्मा जी ने निकाली बोतल, सहायक को आवाज़ दी, सहायक पानी, टमाटर, गाज़र, मूली, खीरा और पत्ता-गोभी दे गया, हमने अब की उनकी सफाई ...
और फिर वहीँ एक डोर बना दी, ये डोर चिता रखने आये, अर्थी में लग कर आये धागों से बनी थी, अब इस डोर से मैंने, धागे बनाये, और फिर उनको घर के प्...
