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भोजन कर ही लिया था, तो भोजन के लिए मना कर दिया, अब हम लेट गए! आराम किया! और फिर आ गयी नींद! सो गए हम! रात भर, आराम से सोये, कु...
और फिर हुई रात! एक ख़ास सामान डाल कर आना था नदी में! तो अब चले हम, एक नहर थी पास में ही, वहीँ चले, और मंत्र पढ़ते हुए, वो सामान बहा दि...
और क्रिया का समय करीब आता जा रहा था, सो अब मैंने सामान मंगवाया, और किया उसको अब क्रिया लायक, और कुछ सामान अलग रख दिया! और फिर स्नान करने च...
और फिर हुआ उनका, गाली का ककहड़ा शुरू! एक बार शुरू! तो फिर अंत तक सत्तर तरह की, नयी नयी, बेशुमार और खतरनाक गालियां जब तक, ख़तम न हो जाए...
आज रात वहीँ ठहरना था, इस लिए इंतज़ाम भी ही हो गया! अब मैंने जितेन्द्र साहब को, एल कागज़ पर लिख कर, कुछ सामान लाने को कहा, मैं आज घर पर ही...
अब शर्मा जी और, जितेन्द्र भी उठे, और फिर हम बाहर निकले, जुराब पहने, और फिर जूते, और निकल गए बाहर! जाड़िया हमारे साथ साथ चला! और हम...
मेरा इशारा, जितेन्द्र की तरफ था! नेतराम ने देखा जितेन्द्र को! "क्या कहना चाहता है?" उसने पूछा, "आप जानते हो!" मैंने कहा, "तुझको पता है?...
:किसने पहनायी?" उसने पूछा, "मेरे गुरु, प्रथम गुरु, मेरे दादा श्री ने!" मैंने कहा, "क्या करते थे तेरे दादा?" उसने कहा, अब मैं हंसा! "वो...औ...
"एक घर तबाह हो रहा है.." मैंने कहा, और बीच में वो जाड़िया, वही साधू टपक पड़ा! "गुरु जी, ये वही हैं, जो मैंने आपको बताया था, वही" उसने कहा, "...
"खा जा इसको, प्रसाद है" वो बोला, हँसता हुआ! चाल खेल गया था वो! मैंने ही मन ही मन, एवंग-मंत्र का जाप कर लिया, और भभूत चाट गया! कुछ न ...
नेतराम था! नाम नेतराम! और काम छेतराम! तभी उसकी नज़र मुझसे मिली! और मेरी उस से! जैसे हमने तोला एक दूसरे को! उसने वो फूल उठाया, डुबो...
"आओ, और फिर एक और कमरे में ले गया, वहाँ कई लोग बैठे थे, औरतें, वृद्ध, लड़कियां, बालक-बालिकाएं, सभी उम्र के! "बैठ जाओ यहाँ" वो बोला...
उसी की जगह थी, और लोग बहुत थे! "अब लगेगी कुल रकम एक लाख रूपये!" वो बोला, आँखें मटकाते हुए! "हम दे देंगे" मैंने कहा, "तो लाओ आधा?" वो बो...
कुछ यूपी की, कुछ हरियाणा की! बाबा की तो तूती बोल रही थी! बाबा के शिष्य थे ये सभी! और वो बाबा, इनके कृपानिधान! तभी वो साधू नज़र आया जि...
उसके लिए मुझे, तैयारी करनी थी! कुछ विशेष तैयारी! पहले उसको समझना था, मान गया, तो ठीक, नहीं माना, तो ज़बरदस्ती मनाना था! यही करन...
