Last seen: Apr 23, 2026
“नहीं जी, खेत में गुड़ की इक्कीस भेलियां गड़वायीं थीं उन्होंने” चाचा बोले, भेलियां? गुड़ की? सांप की हत्या?? कोई श्राप? रहस्य की माला अब फंदा बनी...
“क्या?” मैंने पूछा, “किसी महिला और बालक-बालिकाओं को नहीं दिखा वहाँ कुछ भी, आज तक” वे बोले, एक और रहस्य! एक और रहस्य की माला मैंने धारण की! अब ये...
अब जिज्ञासा रुपी सांप मन में कुंडली खोलने को आमादा था, लग रहा था कोई बहुत बड़ा रहस्य है वहाँ, लेकिन यहाँ तो वर्षा ऐसी थी कि बाहर जाते आदमी को ज़मीन में ...
“क्या बोला वो?” मैंने पूछा, वो गया, सांप देखे, एक एक सांप पकड़ने के पांच सौ रुपये मांगे, बात दो सौ में तय हो गई” वे बोलकर चुप हुए, “फिर?” मैंने पूछ...
“अच्छा!” मैं रोमांचित सा हुआ! लड़का वहीँ खड़ा था! “क्या नाम है?” मैंने पूछा, “नकुल” वो बोला, “अच्छा” मैंने कहा, अब फिर से बर्फी खायी मैंने! ...
सब बता दिया! वे बहुत खुश हुए! सुबह के समय, फ़ोन करके बता दिया सबकुछ, जितेन्द्र साहब को! उन्होंने भी राहत की सांस ले! मित्रगण! आज न...
शिकार नहीं बनाना चाहिए! नहीं तो, एक न एक दिन, अंत यही होता है! और ऐसा ही हुआ! नेतराम का, यही हश्र हुआ! उसको समझाया था मैंने! न...
हाथ जोड़े! सर रगड़ा! और फिर उस जाड़िये को घसीटा! और फिर दोनों हवा में उठे! और फेंक मारे नदी की तरफ! नदी के पास ही बने, एक गड्ढे में दोन...
वो चिल्लाया! नदी किनारे, उस बियाबान में कोई सुनने वाला नहीं था! न कोई देखने वाला ही! दूर रेल का एक पुल था, बस, वही दिख रहा था उसको, ...
रोने लगा! तभी उसको उसके बाल पकड़ कर, हिलाया जाड़ोक ने! और मारा फेंक कर पीछे! यहाँ एक पेड़ लगा था, शीशम का! उसके नीचे जा गिरा! हाय! ह...
सिकुड़े हुए! उठने में भी डर लग रहा था! बुज्झन बाबा तो, भाग गया था! क्षमा मांगते हुए! लेकिन नेतराम और उस जाड़िये को, सबक देना बहुत ज़रूर...
क्या करे? तभी बैठा! और सरसों के दाने लिए! फेंक दिए चारों ओर! दूर्ग हंसा! अट्ठहास लगाया! और फिर सर के एकदम ऊपर खड़ा हो गया! अट्ठहास...
"आदेश?" वो बोला, "दुराल नापेगा?" मैंने पूछा, "आदेश?" वो बोला, "छन्ना थामेगा?" मैंने पूछा, "आदेश?" वो बोला, "जाएगा?" मैंने पूछा, "आदे...
बुज्झन बाबा ने, अपने त्रिशूल से भूमि पर एक चिन्ह काढ़ा! मैं हंस पड़ा! मैंने एक मंत्र पढ़ा, और फिर अलख में एक झटके से, ईंधन झोंका! उसका ...
