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“अगर पहुंचा सके तो कोशिश ज़रूर करना. जैसे पहले दो आलिमों ने करी थी, उनका खाना खराब है अब, हाँ वायदा करता हूँ आपका नहीं करूँगा, क्योंकि आपके पास और भी ज...
“ओ आतिश! तेरा और एक आदमजात का क्या मेल?” मैंने कहा, “मैंने बताया न आपको, मेल बनाने से बनता है” उसने कहा, “लेकिन ये बेमेल है” मैंने कहा, “आपकी दु...
“बिठाओ इसे?” मैंने कहा, उन्होंने किसी तरह से उसको उठाया और जैसे ही बिठाने लगे वैसे हो दोनों भाई पछाड़ खाके गिरे नीचे! चीख निकल गयी उनकी! इस से पहले...
और तेज रोई! तभी हवा में एक तेज सुगंध आयी! बेला की खुश्बू! वो और तेज रोई! आसमान सर पर उठा लिया उसने! “सुनो लड़की?” मुझे गुस्सा आ या अब! सुनना क्...
अगले दिवस मै सभी से विदा लेने के पश्चात दिल्ली आ गया! अब मुझे बिना अन्न-जल के ५ दिनों तक रहना था! समयावधि पूर्ण होने के पश्चात मै भैरवी-प्रयोग हेतु सश...
उसने मर्दन-चक्र और तीव्र किया, और तीव्र! उसके पाँव के नखों ने मेरी गर्दन और मेरी हनु में ज़ख्म बना दिए थे! रक्त-स्राव हो रहा था! मै अपने मंत्रोच्चारण म...
शमशान-वासिनी जागृत हुई! उसका भी प्रवेश हुआ! उसने मुझे पीड़ित करना शुरू किया! मेरा लिंग ऐसा लगा की कहीं काँटों में फंस गया है, प्रदाह-अग्नि लगने लगी, मे...
फिर प्रश्न किया," आरूढ़ अवस्था में विघ्न क्यूँ?" "दंभ है इसका कारण" मैंने उत्तर दिया, "उत्तरगामी पश्चगामी कैसे?" उसने पूछा, "पूर्वगामी अनुसंधि अप...
"यशस्विता का दान करें दिक्काल-भैरवी!" मैंने कहा, "हुम्म्म्म्म्म्म्म्म'" उसने कहा! "अघोर-चक्र सुशोभित करें सर्वकालबली-भैरवी" "हुम्म्म्म्म्म्म्म्म...
उसके बाद मैंने थाल नीचे रख दिया! उसके मुंह में मांस भरा था! मैंने अपने दोनों हाथों को आपस में जोड़कर भिक्षु-मुद्रा में हाथ फैलाए! उसने अपने मुंह में भर...
पूजनावधि पश्चात एक दिवस का विश्राम रखा जाता है, यदि साधक अथवा साधिका अनैच्छिक समझें और दोनों में से कोई भी मना करे तो साधना पूर्ण नहीं मानी जाती, इसील...
अपने आने से पहले ही समझा दिया था! उसने सारे प्रबंध कर दिए थे! प्रबंध देखकर मै निश्चिन्त था! अगले दिन मेघना अपनी कथित माँ के साथ आ गयी! हमारे बीच नमस...
उसके मुंह से चूं भी नहीं निकली! बस चुपचाप खड़ा सुनता रहा! "और सुन बे, अगर मैंने कहीं ये सुना के तू आलतू-फ़ालतू के काम कर रहा है, तेरी गर्दन मरोड़ दूंगा...
"मेरी माँ है यहाँ, आप मिल्गोगे उनसे?" उसने कहा, "हाँ, मिलवाइए" मैंने कहा, वो पीछे पलटी और वहीँ पेड़ के नीचे बैठी एक औरत को ले आई, ये उसकी माँ तो कद...
