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भस्म-स्नान! दीप प्रज्ज्वलित किये, और अब, अब अलख उठा दी! अलख भोग दिया! और अब तैयार हो गया! अब वो पानी लिया मैंने, वही, श्रुति क...
तो सारा सामान मैंने यहीं सजाया! और फिर सहायक लौटा! और मैंने अब तैयारियां आरम्भ की! आज की रात इस क्रिया से उस ब्रह्म-पिशाच से पीछा छुड़ा ही लेन...
और बाहर, अपने श्मशान में आ गया, उसी कीकर के पेड़ के नीचे, जिसे मैंने बोया था! ये आज विशाल है, इसके भरण-पोषण मैंने संतान की भांति किया है...
ये तो यक्ष, गांधर्व आदि से भिड़ने में भी समर्थ है! ऐसा नहीं कि वे काट नहीं कर सकते इसकी, कर सकते हैं, परन्तु इस विद्या का सम्मान करते हैं! ...
और फिर हुई शाम! स्नान का पानी आ गया, मेढ़ा, एक जगह बाँध दिया गया, और मैं उस पानी को लेकर, चला गया अपने क्रिया-स्थल में! वहाँ इसको अभिमंत...
ये सामान भी बस दिल्ली में एक ही जगह मिलता है, इसको बंजारा-बाज़ार कहा जाता है, यहाँ ऐसा तांत्रिक-सामान उपलब्ध रहता है, दिल्ली के आसपास के सारे ...
वो हिली, मुझे देखा, "कुछ खा लो" मैंने कहा, उसन यहाँ कह दी, मैं बाहर गया, सहायिका को बोला, और खाना लाने को कहा, सहायिका खाना ले आय...
"वही सब" मैंने कहा, "अब कैसे होगी?" उन्होंने पूछा, "शर्मा जी?" मैंने कहा, "जी?" वे बोले, "ऐसे बात नहीं बनेगी" मैंने कहा, "जी, फिर?" वे ...
इस लड़की का, इस लड़की की देह का द्रव्य तेजी से, अपघटित हुए जा रहा था, चिकित्सीय रूप से भी, अब उसकी हालत दयनीय हो चली थी, इसीलिए अब शीघ्रत...
मैंने फ़ौरन ही वारुणी-विद्या का संधान किया, मंत्र पढ़े, और कर दिया त्रिशूल आगे! वो लोप! लोप हो गया! और धड़ाम से नीचे गिरी श्रुति! मैं भ...
श्रुति तो जैसे उसी का इंतज़ार कर रही थी! मुझे लगी गालियां देने! "चला जा, चला जा!" मैंने कहा, ठहाका! अट्ठहास! "तुझे पाठ पढ़ाता हूँ मैं!" व...
श्रुति में जान आ गयी! खड़ी हो गयी! और गाली-गलौज! ताली पीटे! हँसे! चिल्लाये! "मैं मार दूंगा तुझे!" वो बोला, मैं तैयार था! उसका म...
तड़प उठी! सर फोड़ने लगी, चारपाई से! कभी उठती, और कभी बैठ जाती! मैंने एक चादर ली, और लपेटा उसे, खींचा, और ले गया खींच कर अपने क्र...
श्रुति अपने वस्त्र फाड़ रही थी, फाड़ दिए थे, हंसते हुए! "श्रुति?" मैंने कहा, और वो ठहाके लगाए! एक एक करके सारे वस्त्र उतार दिए! और फिर...
फिर चाय नाश्ता किया सभी ने, मैंने रोक कर रखा था सभी को वहीँ, न जाने कब क्या हो जाए! दिन आगे बढ़ा! बजे ग्यारह! और अनुज आया भागता हुआ मेरे...
