Last seen: Apr 23, 2026
उपहास का अट्ठहास! कभी दायें! कभी बाएं! अभी सामने! कभी पीछे! छका रहा था मुझे! मैं खड़ा हुआ! और फिर से मंत्र पढ़ा! और थाप मारी! ...
"हे ब्रह्म-पिशाच? मैंने तुझे मान दिया, तेरा सम्मान किया, लेकिन तू नहीं माना, अब मुझे विवश कर दिया तूने!" मैंने कहा, मैं पलटा! और बैठ गया अब अलख ...
मस्तक गायब! माया का नाश हुआ! फिर से! एक ज़बरदस्त अट्ठहास! खौफनाक अट्ठहास! और फिर एक और मस्तक गिरा! ये मेरे प्रियजन का था! उसका अर्...
बहुत मान-मुलव्वत कर ली! मैं बैठ गया अलख पर! और कपाली का आह्वान करने लगा! उच्च महा-पिशाचिनी कपाली! तभी मेरे सामने कुछ गिरा! मैंने देखा! ...
परम शान्ति! विद्या का जैसे चक्र फ़ैल गया! मुझे लपेटे हुए! तभी जैसे आकाश फटा! और लोथड़ों की बारिश सी हुई! विद्या प्रभाव से टकराते हुए वे र...
"नहीं" मैंने कहा, "मारा जाएगा" वो बोला, "परवाह नहीं" मैंने कहा, "अब तक क्रीड़ा कर रहा था मैं!" वो गरजा! "मैंने भी विशेष कुछ नहीं किया!" मैं...
हठी था! और अब, क्रुद्ध भी था! फिर से अट्ठहास! और फिर से प्रकट हुआ! सिंह जैसा स्वर उसका! दहाड़े! मेरे चारों ओर! लेकिन नज़दीक न आय...
अगर छू जाता तो पछाड़ खा जाता! इसीलिए, वो उड़ चला! और फिर मैंने त्रिशूल लहराया, खड़ा हुआ, आकाश की ओर त्रिशूल किया, धुआं चला आकाश की ओर! ...
वो पीछे हुआ, दहाड़ा! और फिर से प्रहार! मैंने फिर से कपाल पर अवशोषित कर लिया वो प्रहार! उसने कई प्रहार किये! लेकिन मैंने सभी अवशोषित किये...
"मैं नहीं करने दूंगा!" मैंने कहा, अट्ठहास! "ठीक है!" वो बोला, अब मैं हुआ चौकस! कपाल उठा लिया, त्रिशूल गाड़ दिया! और तभी उसने अपने हाथ...
अट्ठहास करता हुआ! और उसी क्षण मेरे सामने, एक सुंदरी प्रकट हुई! समक्ष आयी! बहुत सुंदर थी वो! "मैं इरावती हूँ!" वो बोली, ब्रह्म-पिशाचि...
और भूमि से स्पर्श कर दिया! सब लोप! माया का धन लोप हुआ! अट्ठहास! फिर से अट्ठहास! "वाह साधक वाह!" वो बोला, सीना चौड़ा हो गया मेरा! ग...
और बंधा मेढ़ा खूंटा तोड़ने को तैयार! फिर रुका वो! "तो हट जा मेरे सामने से, क्यों प्राण गंवाता है? तेरी क्या लगती है वो?" उसने पूछा, "नहीं लगती ...
और फिर परिणाम दुष्कर होते हैं! "हे ब्रह्म-पिशाच!" मैंने कहा, वो सामने आया, "छोड़ दे! छोड़ दे उस लड़की को! दया कर!" मैंने कहा, अट्ठहास! प्र...
खौफनाक अट्ठहास! वो आ गया था! उसका आह्वान हो चुका था! और फिर अट्ठहास थमा! और मेरे सामने, एक चमकता-दमकता लौह-देहधारी प्रकट हो गया! काल...
