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मैं उस समय अपने कमरे में अकेला था! शर्मा जी, बाहर किशोर जी के साथ बैठे थे, मैंने कुछ काम में व्यस्त था, सब कुछ जांच रहा था, कि तभी, ...
कि दिन, घंटे में, घंटा मिनट में, मिनट पल में, और पल विपल में, तब्दील हो जाएँ! बेसब्र वो भी होगा, और हम तो, खैर थे ही! और फि...
वे भी, जनाब हैदर साहब को जानते हैं! उनको भी बताया हमने, खूब बातें हुईं, नयी, पुरानी, और फिर वहाँ से वापिस हुए, दोपहर बीत चुकी थी!...
अबरार आना था रात को! वो भी बेचैन होगा, हमारी तरह ही! तैयारी करनी क्या थी? कुछ भी नहीं! बस इंतज़ार करना था! उस दिन, हम फिर से अपने ...
चाय की दुकाने, फ़ुरसत ही नहीं चाय वाले को! लोग चाय के साथ, मट्ठियां, बिस्कुट आदि भी खा रहे थे! चर्चाएं हो रही थीं! थोड़ी देर बार, सब च...
और फिर जाकर, सो गए इत्मीनान से! अब, कल का इंतज़ार था बस! तो, वो रात भी बीत गयी! चैन से सोये हम! सुबह उठे, और अब नहाये-धोये! फ...
"हाँ! सही कहा!" मैंने कहा, "वैसे भी उम्दा शख़सियत के मालिक़ हैं!" वे बोले, "हाँ, सही बात है!" मैंने कहा, "बड़ी मेहनत की है इन्होने अपने जीवन में...
खाना तैयार था! अब खाना खाया! दो माह बाद, उनकी बेटी का ब्याह था, दे दिया न्यौता! और ये भी कहा कि, घर आयेंगे वे, शर्मा जी के! हम...
पानी मंगवाया! और फिर चाय! घर फ़ोन किया उन्होंने, खाना बनवाने को कहा, और जो फिरनी बनी है घर में, वो लाने को कहा! और अब हुई बातें! क...
फारिग हुए, मेरे कुछ जानकार हैं वहाँ अलवर में, चाय-नाश्ता करके, हम उनसे मिलने चले, जनाब हैदर हैं वहाँ! मेरे बहुत अजीज़ हैं! दांत काटे ...
वो, ज़िद्दी अबरार! क्या करेगा? मान जाएगा? सह लेगा? क्या करेगा? अब हुई रात! सब ठीक था! पल्ल्वी एकदम सही थी! आराम से घर में घू...
उसने किया ही ऐसा था! मेरी परेशानी को, एक ही लम्हे में धुआं कर गया था! मैं तो, महीने भर से, अपने सीने में, ये वजन लिए बैठा था! कि ...
तब वो, दस मिनट के लिए गया था कहीं, समझ में आयी अब! वो जहाँ अबरार के पास गया था, वो, पहले, पल्ल्वी के पास भी गया था! जायज़ा लेने! ...
कि पल्ल्वी, वो नटखट सी लड़की, अब ठीक हो गयी थी! बच गयी थी! भय ख़तम हो गया था! लेकिन अब, परसों, अबरार आएगा! बस! वो देख लेगा कि...
और माँ के रोने की आवाज़ आयी! बहन की भी! भाई भी सुबक उठा! जो मैंने सोचा था, वैसा तो हरगिज़ नहीं हुआ! मेरी परेशानी को, एक ही लम्हे में, ...
