श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

कुछ भी! याददाश्त का वो हिस्सा, उड़ा ले गया था अपने साथ! मैं बहुत खुश हुआ! शर्मा जी भी! हार जीत में बदल गयी! बदल दी, हाँ, बदल दी, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

केवल, मैंने ही देखा था! कर गया था वो काम अपना! जिन्नाती इल्म दिखा ही दिया था उसने! मैंने अपना वायदा नहीं तोड़ा! मैंने कुछ नहीं किया! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

और गायब हो गया! लड़की उठी, आँखें खोलीं, और मुझे देखा, मैंने उसको देखा! ओह! मुझे अब समझ आया! ये तो शाही अंदाज़ था ख़लील का! वो कर ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

कुर्सी की पुश्त पर, कमर टिका ली, हारने की गंध बहुत तीक्ष्ण हुआ करती है! बस गयी थी मेरे अंदर! घुटन महसूस हो रही थी! तभी मेरे कंधे पर हाथ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

वे चले गए, दरवाज़ा बंद कर दिया गया, शर्मा जी ने, बंद कर दिया था! "कौन है ये अबरार?" मैंने पूछा, "है, है अबरार!" वो बोली, धीरे से, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

कोई याद जुड़ी है उस से? कौन है ये अबरार? "कुछ याद आया?" मैंने पूछा, उसने मुझे देखा, फिर अपने पिता को, मेरे तो, हाथों में पसीना आ गया!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

"मैं ठीक हूँ!" वो बोली, "और पढ़ाई कैसी है?" मैंने पूछा, "एकदम बढ़िया!" वो बोली, उसकी बातों से, झलकता था, उसका व्यवहार, बड़ा ही नटखट सा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

मैं क्यों बुरा बनूँ? करीब चार बजे, घर आयी पल्ल्वी! हमे देखा, तो, नमस्कार की! बिलकुल बदल चुकी थी वो! पल्ल्वी को देखकर, मुझे बड़ी है...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

अबरार के विषय में बात करनी थी! अबरार की याद दिलानी थी! बड़ा ही मुश्किल काम था ये! बेहद मुश्किल! हमने अब चाय पी वहाँ, फिर भोजन भी किया, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

और उनकी पत्नी बड़े डरे से हुए थे! दर, लाजमी भी था! हालांकि इन दिनों में, कोई बात नहीं हुई थी, एक बार भी, अबरार का नाम नहीं लिया था उस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

एकदम अलग! ख़लील ने मुझे भरोसा दिया, कि जैसा मैं चाहता हूँ, वैसा ही होगा! मैं निश्चिन्त रहूँ! ख़लील, एक जिन्न होकर भी, इस आदमजात से,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

ज़िद का पक्का! और अपने वायदे का पक्का! ज़ुबान बहुत मायने रखती है, उनके लिए! जैसे कोई पत्थर! इंसानों के जैसे नहीं, कहा, और भूल गए! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

अगर, नहीं मानी तो ये? फिर क्या होगा? फिर तो, ये लड़की जाने, और फिर वो अबरार! लेकिन, फिर भी, चिंता सी लगी थी! दिल में बहुत, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

गुलाब की ख़ुश्बू! और मैं लेट गया! चलो! ख़लील का सहारा तो मिला! अब वो, सम्भाल लेगा सबकुछ! एक दोस्त के नाते! अब सुक़ून था मुझे! पंद्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ अलवर की एक घटना

"और आप?" मैंने पूछा, "सब खैरियत!" वो बोला, "अच्छा है!" मैंने कहा, "कब तशरीफ़ ला रहे हैं आप हमारे घर पर?" वो बोला, "आउंगा ख़लील!" मैंने कहा, ...

2 years ago
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