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उस दिन रंगों का त्यौहार था! होली! खूब खेली होली इथि! सभी के साथ! क्या सखियाँ, क्या रिश्तेदार! सभी के साथ! जब पृथ्वी पर बसंत का समय होता है...
मित्रगण! जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ वो यहीं इसी स्थान पर मुझे एक औघड़ बाबा कर्मेन्द्र ने सुनायी थी! वे भी अस्सी बरस के हैं! मुंह-ज़ुबानी ये ग...
आठ बजे थे, मैंने शम्भू के जगाया, अलसाया हुआ वो उठा और खींच खींच के दो चार अंगड़ाइयां लीं उसने! "चाय ले आ भाई!" मैंने कहा, वो कंबलों की तह करके ...
अब मैं और शम्भू निकले वहाँ से, हवा ने आतंक काट रखा था, प्लास्टिक की बाल्टियां वहाँ मैदान में एक दूसरे से टकराने की होड़ कर रही थीं! पेड़ झाड़ियों से बाते...
बैठी थी! हवा ऐसे चुभती थी जैसे नश्तर! हालांकि मैंने फौजी जैकेट पहन रखी थी, लेकिन वायु का आघात ऐसा तीव्र था कि सांस जो अंदर गयी थी, अंदर ही विश्राम करत...
जायेंगे वहाँ, बाबा के दर्शन करने! महेंद्र साहब की पद्दोन्नति हो गयी है! घर में खुशियों का आलम है! वो बाबा सैफ़ुद्दीन मुझे आज भी याद हैं! और हमेशा ह...
हम चल पड़े उसके साथ! उसके पीछे, वो हमे दूर ले गया, उस टीले से भी दूर! वहाँ एक ढलवां रास्ता था, जो पहले हमने कहीं नहीं देखा था! और उसके ठीक पास वही ...
"अब ये मजार बन जाए तो हम भी चलें यहाँ से!" मैंने कहा, "हाँ जी" वे बोले, उसके बाद हम बातें करते रहे, विषय वही था, बाबा सैफ़ुद्दीन! एक घंटा गुजर गय...
बस वहीँ का दृश्य! बाबा का चेहरा उनका अलौकिक रूप और माहौल! रह रह कर जैसे वो टीला हमे बुला रहा था! फिर भी, लेट गए, नींद का इंतज़ार करने लगे! और सोचते स...
"काम बहुत है" शर्मा जी बोले, "हाँ, काम बहुत है!" मैंने कहा, फिर हम नीचे उतर गए! गाड़ी तक आये और गाड़ी में बैठ गए, घड़ी में समय देखा, रात के दो बज च...
चुप हो गए वो! "चलो अब" मैंने कहा, वे तैयार हुए अब, बुझे हुए मन से! हम नीचे चलने के लिए जैसे ही उतरे, तभी हसन की आवाज़ आयी, "ठहरिये!" हम एकदम से...
"चले गये वे सब!" मैंने कहा, "कहाँ?" उन्होंने पूछा, "आरामगाह!" मैंने कहा, "वो कहाँ?" उन्होंने फिर पूछा, "होगी कहीं, जिन्नाती!" मैंने कहा, "ओह...
किसी की नहीं चलती, उनके सामने हम खड़े थे! नसों में बहता खून बस कब जम जाए इसका कोई पता नहीं! दिल की धड़कन कब साथ छोड़ दे, कुछ पता नहीं! अपने आपे से बाहर थ...
उन्होंने हसन को देखा, गौर से, फिर मुस्कुराये! अब बाबा ने फिर हमारे माथे पर हाथ रखा! सच कहता हूँ मित्रगण! मैं एबहुत साधना की है, साधना समय एक सुक...
