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न छोड़े किसी को!गीता!उसकी छोटी बहन!रूपाली,उसकी प्रेयसि!"लड़की? क्या कर रही है?" बोले बाबा!वो! वो न सुने!उसका रणवीर!उसका अपना!इस संसार से अपना!परछाईं नही...
वे चलीं!रुकीं!देखा उस, गर्दन झुकाये,बिन परछाईं वाले, रणवीर को!"आ?" बोले बाबा!रुकीं वो!और एक झटके से,दौड़ पड़ीं!रोते रोते, चिपक गयी रणवीर से!रणवीर!रणवीर ...
क्या करें?"ऐ लड़की? तू जानती है, ये कौन है?" बोले बाबा,अब मुड़कर देखा रूपाली को रणवीर ने!रूपाली चौंकी!"जानती है?" बोले बाबा!"हाँ, रणवीर!" बोली, विश्वास ...
खड़ा रहा!टस से मस न हुआ!एक विद्या काटी,दो,तीन,और कुल नौ!सब बेकार!बाबा के होश उड़े!ऐसा कैसे संभव?वो तो झुकवा दें, जिन्नात को भी?फिर?ये है कौन?नहीं!ये कोई...
न सुन रहा था किसी की भी,और अचानक ही.............!अचानक ही!वहाँ पर, चले आये सिद्दा बाबा, वो भगत, वो चेला और पिता जी रूपाली के!वो दिखा बस, बाबा को!बाबा ...
उसको पकड़े!कपड़े खींचे!"मुझे बताओ, बताओ मुझे?" पूछे रोते रोते!"बताओ? बताओ? क्या बात है?" पूछे गीता,"रूपाली?" बोले सिसकियाँ लेते लेते!"हाँ, हाँ, बताओ, बत...
मंज़ूर है!उसे ये भी मंज़ूर है!लेकिन?ये रूपाली?इसका क्या होगा?काश...........पहले सोच होता!फ़रेब किया उसने रूपाली के साथ!बहुत बड़ा फ़रेब!धोखा!प्रेम में धोखा!...
वो बंध गया था उसी मैदान से!देह, जो अब, मिट्टी बन, मिट्टी में मिल चुकी थी,वहीं अटका था,न घर का पता,न संबंधियों का पता!बस, वही मैदान था उसका पता!लेकिन इ...
लम्बी लम्बी साँसें लीं!और जा खोया,पीछे वक़्त की गर्द में!पीछे, उस दिन से,बावन साल पहले!उसकी माँ थी घर में,पिता, जो नेत्रहीन थे,दो बहन, जो ब्याहने लायक ...
ऐसा कौन है वो?और है कोई ऐसा, तो आज क़ैद कर लेंगे उसे!यही सोच कर आ रहे थे बाबा सिद्दा!पहुंचे हुए बाबा थे वो,नाम था दूर-दराज तक उनका!और वहां,वहाँ दोपहर ह...
पानी से साफ़ किया, आया बाबा को होश!हाय ही हाय मचाये!छटपटाये!रूपाली,खिड़की की, दरार से झांके!फिर भी कुछ समझ न आए!कि आखिर हुआ क्या?कैसे बाहर जा फिंका?ये ह...
और रूपाली के आंसू निकले,अब रोये, हिले, तो चिमटा दिखाए वो!बेचारी, डर के मारे कांपे!"बता?" बोला वो,और जैसे ही चांटा मारने को हुआ!खाया एक झटका!और खायी पछ...
और चल पड़ा रूपाली के कमरे की तरफ!साथ में पिता जी, चेला और वो भगत!खुलवाया दरवाज़ा!खोल दिया था रूपाली ने!ऊपर से नीचे तक देखा उसने उसे!"यही है वो लड़की!" बो...
भगत ने क्या किया,पिता जी कहाँ गए हैं,माँ और भाई कैसे डरे हैं, आदि आदि!वो सब जानता था! हिम्मत बंधाता रहा वो उसकी!"मुझे डर लग रहा है" बोली रूपाली,"मेरे ...
घर से बाहर भाग गया!पिता जी भी भागे उसके पीछे,दूसरे लोग, समझ न सके! और भगत जा रुका एक पेड़ के नीचे! हाँफते हुए!आये पिता जी भी! हाँफते हुए!"खतरनाक! खतरना...
