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"अगर वो इम्तिहान में पिछड़ गया, असफल हुआ, तो तू वही करेगी जो तेरे माँ-बाप चाहते हैं!" बोले वो,असमंजस!उहापोह!शशोपंज!"विश्वास नहीं रणवीर पर?" बोले मुस्कु...
"उस पर, न समय का असर है, न मौसम का आदि आदि, है न?" बोले वो,"पता नहीं, कभी पूछा नहीं" बोली वो,भोली! भोली-भाली रूपाली!"सुन, उसे तुझ से सुंदर कोई मिलेगी ...
"सुनो, डरना नहीं, कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती नही है तेरे साथ, ठीक?" बोले वो,"जी" बोली वो,"कितने दिनों से मिल रहे हो?" पूछा उन्होंने,"साल भर हुआ" बोली वो,"कभी को...
आँखों में, अभी चमक शेष थी,बूढ़े चेहरे पर अभी भी, कर्मठता थी और,विश्वास झलकता था!घर में आये बाबा तो,न तो सूंघ की ली,न देख और न ही कोई रेख!बस सामान्य से ...
रूप-रंग, सब बदल गया था!जब भोर का सूरज,निकलता है, लालिमा लिए हुए,तो ओंस की बूँदें,केसरियां सी दीखती हैं,यदि पूर्व में मुंह करके देखो तो!लगता है,लालिमा ...
न बोला कि दो दिन बाद?क्यों?जल्दी क्यों बोला वो?समझे मित्रगण?मैं समझ गया!परीक्षा!सब आ गया समझ!अब तक जो आये थे,वे न टिक सके थे सके सामने!अब जो आ रहे थे,...
मान जाए!बैठ जाए!फिर उठे!फिर बिठा लें!वो हँसे! वो दोनों भी हंसें!वे तीनों ऐसे घुलमिल गए थे जैसे, बरसों से जानते हों एक दूसरे को!वैसा ही हक़, वैसा ही लहज...
और रणवीर, उसको अपनी बाजूओं में भर,आँखें बंद किये खड़ा था!और फिर हटी वो, खड़ा किया उसे रणवीर ने नीचे!अब मुस्कुराई, वो भी मुस्कुराया!माह बाद, दोनों ही मुस...
खोली बुक्कल!चढ़ आया ऊपर!हालत देखी रूपाली की,चेहरा कस गया उसका!हाथ बढ़ाये आगे रूपाली ने!और तब, उठा लिया उसे रणवीर ने!चिपका लिया अपने कंधों से!वो बाजूओं म...
माँ आई, देखा, तो बुरी तरह रो पड़ीं!पानी मंगवाया, छिड़का, वो जागी वो,देखा गीता को, बढ़ाया हाथ आगे अपने!गीता ने पकड़ा हाथ, उठाया उसे,और धीमे क़दमों ने, चली ब...
खाना-पीना छोड़ दिया था उसने,कुछ न खाती,रोती रहती,पिता जी कहते, इस से तो अच्छा है कि ये मर ही जाए!कम से कम शान्ति तो हो?माँ का सीना फटता!कपड़े में मुंह द...
ऐसे ही भटकेगी जैसे वो भटक रहा है,आदि आदि, अधपकी, पकी, कच्ची, सब सुनाई!लेकिन अब,अब तो फैंसला हो गया था!रूपाली, न रह सकती थी उसके बिना!एक न सुनी उसने,इस...
लेकिन कांपते होंठों ने, नहीं निकलने दिए!हुआ आगे, एक झटके से,और चिपक गयी उसके सीने से!आँखें बंद हो गयीं दोनों की,और पहली बार,पहली बार अपनी बलिष्ठ भुजाओ...
की गर्दन नीचे,और तब, आया हाथ, उसके चेहरे के नीचे,ठुड्डी के नीचे,और फिर...................बाबा और चेला उनका, हुए नदारद! ऐसे भागे जैसे गधे के सर से सींग...
कौन?जो, काटै है सभी मंत्र-तंत्र?ये है कौन?महाप्रेत ऐसा?ऐसा ताक़तवर?नहीं जानता था कोई!उसको मिली थी ताक़त!ताक़त, रूपाली और उसकी बहन की!कौन करता उसका मुक़ाबल...
