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और इबु हाज़िर वहाँ! अब इबु के हाथ में मैंने बागडोर सौंपी! इबु के नथुने फड़के! और उसके गुस्से और ताक़त के दबाव एक एक करके सारे प्रेत वहाँ आ खड़े हुए!...
"किसने भेजा?" मैंने पूछा, "बाबा नौबत ने" उसने कहा, "बाबा नौबत?" मैंने पूछा, "हाँ" वो बोला, "हरामज़ादे झूठ बोलता है, सच बता?" मैंने कहा, धमका कर...
"नहीं निकलेगी?" मैंने कहा, "नहीं" उसने कहा, अब मैंने अपना त्रिशूल लिया और मन्त्र पढ़ते हुए उसको छुआ दिया! भयानक आवाज़ की उसने और रश्मि ने मुंह फाड़ा!...
ज्योति के घर! सुखिया की रूह का बाबा फक्कड़ से कोई लेना देना नहीं था, वो तो भटक रही थी, छाज खुला देख फटकारने आ गयी थी अपने दुखों का अन्न! बाबा फक्कड़ ने ...
क्या फक्कड़ जानता है ज्योति के परिवार को? या कोई अन्य चक्कर? क्या है रहस्य? अब ऐसे बात नहीं बनेगी! मुझे सच्चाई जाननी ही होगी! किसी भी सूरत मे...
"मेरा बेटा! हाय मेरा बेटा!" बोली रश्मि! और धम्म से बायीं तरफ गिर गयी, खोपड़ी की आवाज़ गूँज गयी फर्श पर टकराने से! चली गयी सुखिया! "अब बताओ, देर नह...
"कौन लौंडिया?" मैंने पूछा, "अरे ये? ये जो बैठी है?" उसने कहा और उसने जो हाथ का इशारा किया था वो ज्योति की तरफ था! मैं सन्न! ज्योति तो जैसे बेहोश...
उसकी चीख सुनकर वे दंपत्ति वहाँ भागे भागे चले आये और आते ही कंक्रीट जैसे जैम गए! उन्होंने ऐसा पहले नहीं देखा था, आज पहली बार साबका पड़ा था! शर्मा जी ने ...
मैं यदि चाहता तो इस काँटा को खींच सकता था, लेकिन मुझे कुछ संदेह था, अतः अब मैंने प्रत्यक्ष-मंत्र पढ़ा और शर्मा जी से तत्पर रहने को कह दिया, वो या अन्य ...
अब घबराई वो! "क्या पूछेगा?" उसने झेंपते हुए पूछा, "क्या फेंक दी?" मैंने पूछा, "मुझे फेंक दिया" उसने अब आंसू लाते हुए कहा, मैं अवाक! "कब फेंक...
"रुक जाइये, वो क्या कह रही है ध्यान दीजिये" मैंने कहा, "कौन कांता?" मैंने पूछा, "वो रणजीत नगर है न, वहाँ की" उसने कहा, "शादीपुर के पास वाला?" मै...
"चलो जब यहाँ आएगी अनिल के घर तो देख लेंगे" मैंने कहा, "और किया भी क्या जा सकता है" वे बोले, तभी एक सहायक आया और कुछ मुंह चलाने को ले आया, हमने चबा...
में भर्ती करना चाहते हैं, अर्थात पागलखाने में, इसीलिए मैं आपसे विनती करने आयी हूँ कि एक बार आप भी देख लें, कोई ऊपरी या किया-कराया तो नहीं?" मैं हालत...
"और तुम! तुम डटे रहना! बहुत आयेंगे ऐसे, मुझसे बाबा! अपना प्रायश्चित करने, जो मेरी तरह पैंसठिया में बंधे हैं, बिना भविष्य जाने!" वे बोले, फिर उन्होंन...
