श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jun 30, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

बिना पीछे देखे! पीछे देखने से डोरे में गाँठ पड़ जाती! क़ैद होने की गाँठ! मैं चला आया वहाँ से! सवारी पकड़ी ही थी कि फ़ोन बजा! फ़ोन उठाया तो ये फ़ोन अ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मैंने उसका हाथ छोड़ा! उसने हाथ वापिस किया! "अब चलता हूँ!" मैं कह कर खड़ा हुआ! उसने फिर से मेरा हाथ पकड़ लिया! अब मैंने उसको देखा, आँखों में एक ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

उसने फिर से गरदन हिलायी! "अब मैं चलूँ?" मैंने पूछा, उसने मेरी बाजू पकड़ी! फिर हटा ली! सकपका गयी! अब मैंने थाम उसका हाथ! "सुनो! अनुष्का! मेर...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

छाया थी यहाँ, बड़े बड़े पेड़! वो बैठ गयी, मैं भी! "कैसे बुलाया?" मैंने पूछा, "ऐसे ही!" उसने कहा, "ऐसे ही मुझे परेशान कर दिया?" मैंने कहा, "आप...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

और फ़ोन काट दिया मैंने! और इस से पहले मैं कुछ बताता शर्मा जी को, मेरे पास से किसी देख की गंध आयी मुझे! कोई पीछा कर रहा था मेरा! लगातार! मैंने फ़ौरन ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

ये अनुष्का थी! "हाँ? कैसी हो?" मैंने पूछा, "ठीक हूँ" उसने कहा, "खाना खाया?" मैंने पूछा, "अभी नहीं" उसने कहा, "कब खाओगी?" मैंने पूछा, "खा ल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

आंसुओं से लबालब आँखें! वे सुंदर आँखें आंसुओं के बोझ तले दबे जा रही थीं! मैंने फिर से पोंछे! "इतना रोओगी तो कैसे बात बनेगी? मुझे और दुःख होगा, अब...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

सरंक्षण में थी! अब मैं उठा! अनुष्का भी उठ गयी! "तुम बैठो" मैंने कहा, नहीं बैठी! मैंने उसकी आँखों में देखा! आंसुओं की नन्ही-नन्ही बूँदें! ब...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मेरी नज़रें उसकी चप्प्लो पर पड़ीं! वे टूट गयी थीं, उधड़ गयी थीं! मैंने नज़रें ता लीं वहाँ से फिर! हम पहुँच गए वहाँ! सामान उठाया अपना! उसने अपना! और ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मुझे देख मुस्कुरायी! मैं भी मुस्कुराया! "सही नींद आयी?" मैंने पूछा, उसने पलकें बंद कर और गरदन हिला कर हाँ कहा! "कब खुली नींद?" मैंने पूछा, "...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मित्रगण! अगले दिन हम चल पड़े वहाँ से, हम तीन बजे करीब निकले थे! हम स्टेशन आये और फिर गाड़ी पकड़ ली, और हो गए सवार! जुगाड़ किया तो सीटें भी मिल गयीं! गाड़...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मैं अपने कक्ष की तरफ जा रहा था कि तभी अहसास हुआ कि किसी ने देख लड़ाई है! मैं रुक गया! जांचा! हाँ, किसी ने देख लड़ाई थी! मैंने फ़ौरन ही काट की उसकी! डामरी...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

"अब कहाँ भेज रहे थे ये तुमको?" मैंने पूछा, "काशी" वे बोले, "किसके पास?" मैंने पूछा, "पता नहीं" वो बोली, "कोई बात नहीं! अब कोई कहीं नहीं ले जाए...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

"चलो, हो जाओ शुरू" मैंने कहा, अब हमने खाना खाया! और खा लिया, अनुष्का ने थोडा खाना छोड़ दिया था, वो भी खिला दिया मैंने ज़बरन ही! "अनुष्का? माता-प...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

"नहीं, सही किया बिलकुल" वे बोले, फिर मैं लेट गया! थोडा आराम किया और आँख लग गयी! दोपहर हुई! भोजन का समय हुआ! मैं उठा और सीधे अनुष्का के पास ग...

2 years ago
Page 163 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top