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मैं मुस्कुराया! उसको देखा! मैंने मन ही मन एक मंत्र पढ़ा! भंजनकारी मंत्र! और मुंह में थूक इकठ्ठा कर फेंक दिया उस उप-संचालक पर! उसन एथूक पड़ते ही ...
मैंने उसको देखा! आँखों ही आँखों में समझाया! नहीं समझा! किशन ने दांत फाड़े! और उसके आदमी हुए मुस्तैद! हमसे भिड़ने को! "खड़े होइए अब आप!" वो बोला...
उसने मुझे देखा, मैंने उसे! "हाँ, अनुष्का, तुमने बुलाया है इनको?" उसने पूछा, "हाँ" उसने कहा, अब उसने सोच-विचार किया, और फिर बोला, "देखिये, ये...
पहली मंजिल फिर दूसरी, और यहीं एक कक्ष में थी अनुष्का! वो सामने खड़ी थी! हम चले उसकी तरफ! और आ गए उसके पास! वो हमको कक्ष में ले गयी! हम गए...
कुछ देर आराम किया, पानी पिया और फिर चाय, फिर मैंने फ़ोन किया अनुष्का को! बता दिया कि मैं हरिद्वार आ गया हूँ और कब आऊँ उसके पास? और इस तरह सुबह का कार...
अजीब अजीब से सवाल उछले दिमाग में! और फिर फ़ोन भी बंद था, अब क्या हो? कैसे बात बने? सुबह जल्दी ही उठ गया मैं, शर्मा जी को फ़ोन कर दिया, वे निकल चुके ...
तीन दिन और बीते, आयोजन समाप्त हुआ! नीमा नाथ मिला मुझसे! वो आद्मी मुझे सही लगा था! इसीलिए मैं मिला उस से! चौथे दिन, मैं अनुष्का को फ़ोन पर बता कर वहाँ...
भोजन किया और फिर से अपने कक्ष में आ गए! करीब दो बजे होंगे तब! मेरा फ़ोन बजा! ये अनुष्का का फ़ोन था! मैंने सुना, उसने मेरा धन्यवाद किया! बहुत...
"मुझे बताया इन्होने, और जो कहा वो सही कहा है" वो बोला, साथ दिया मेरा उसने! किशन! किशन नाम था उसके मामा का! अब बगलें झांकें वो सब! अनुष्का को...
गुस्से में! "चलो यहाँ से?" एक ने बोला, "पहले बात सुन ले मेरी" मैंने कहा, "हाँ, क्या?" वो बोला, अब मैंने बात बतायी उसको सारी! उसने सुनी! "त...
हम तैयार हुए! और फिर चले हम उस कक्ष की तरफ! वहाँ पहुंचे, दरवाज़ा खटखटाया! दरवाज़ा खुला, ये अनुष्का थी! घबरा गयी! और हम दोनों सीधे अंदर आ ग...
"तुम कौन हो उसको रोकने वाले?" वो बोला, "हूँ तो कोई नहीं, लेकिन ये नियमों के विरुद्ध है" मैंने कहा, "कोई नियम नहीं" वो बोला, बड़ा ताव आया! जानते...
हम चले अब नीमा नाथ को ढूंढने! पहले अंदर गए, जहाँ से पता चल सकता था, वहाँ एक सहायक से पता किया, उसने हमको दूसरे स्थान में ढूंढने को कहा, वो बालेश्वर से...
वो उठी! मुझे देखा! मैं उसके सामने गया! उसके सर पर हाथ रखा! "जाओ, कोई नहीं ले जाएगा तुमको!" मैंने कहा, उस सहमी अनुष्का का वो चेहरा मुझे आज भी...
रुमाल दिया उसको, उसने आंसू पोंछे! "देखो, ये तो तुम्हारे ऊपर है, कि तुम बनो या न बनो, कोई ज़बरदस्ती नहीं कर सकता तुमसे, ये तुम्हारा निर्णय है" मैंने...
