श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

घड़ा, तीन गिलास, एक मग, एक कपडे का झोला, एक छुरी, ले आये, थैला पकड़ा मैंने, और निकाला सामान, इसमें वही, टमाटर, प्याज, खीरा, चुकं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

"टेकचंद? ये रहने वाले हैं बहराइच के, फिर रहे गोरखपुर में, कई साल, फिर बाबा शम्भू नाथ के संपर्क में आये, बहुत कुछ जानते हैं, अब यहीं रह रहे हैं, इनका प...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

डेढ़ घंटा! पूरे डेढ़ घंटे हमने नींद ले मारी! मजा आ गया! अब वो पलंग और गद्दे क्या मजा देते! जो इस भूमि ने दिया था! पसीना नहि आया एक बूँद भ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

आनंददायक थी बहुत! मुझे लेटा देख, शर्मा जी भी लेट गये! मैंने तो सर की नीचे रखे दोनों हाथ, और आँखें की बंद! और नशा सा छाया! भोजन का नश...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

आजकल की अटरम-शटरम से तो लाख गुना बेहतर! अटरम-शटरम खाओ, और बीमार पड़ो! पैसा भी खर्चो, और बीमारी और मोल ले लो! तो इनसे दूर ही रहिये! भोजन कर ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

और हींग की खुश्बू ऐसी, कि सूंघते ही पेट ने, मुंह फाड़ दिया! गड्ढा सा खुल गया पेट में! कटोरी में दही, हरी चटनी, अचार और कुछ सलाद! और च...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

"अरे बाबा? एक बात बताओ?" मैंने पूछा, "हाँ?" वे बोले, "टेकचंद ने जहां बताया, वहाँ कोई साधन तो होगा आने जाने का?" मैंने पूछा, "हाँ, गाड़ी है, रे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

जो फूल के पौधे आदि थे, वे अभी अपनी जड़ों में लगे पानी के सहारे, मुकाबला करने में लगे! तभी वही लड़की आयी, दो गिलास शरबत लिए, वही लज़ीज़ बेल ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

यहाँ से सौ किलोमीटर? ये ख़याल आया तो वो, छह किलोमीटर की महा-यात्रा याद आ गयी! जी सा मिचला गया! कैसे जायेंगे? कोई साधन तो होगा ही? आखि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

"परसों निकलना है!" मैंने कहा, "हाँ" वे बोले, "ठीक है, दिख जाए तो बात बने!" मैंने कहा, "हाँ जी" वे बोले, और हम बातें करते रहे, फिर भोजन ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

"कभी भी चलिए?" वे बोले, अब मैंने बाबा शम्भू नाथ को देखा, वे समझ गए! "आप कब जाना चाहते हो?" उन्होंने पूछा, "जब मर्जी" मैंने कहा, "हाँ टे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

"उसने भी देखा ही होगा?" मैंने पूछा, "हाँ" वो बोले, "एक माह आपने नज़र रखी?" मैंने पूछा, "हाँ, पूरे एक माह" वे बोले, "कोई गाँव है पास में?" म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

एक जगह खटिया बिछा कर लेट गए! अभी गर्मी कच्ची थी! कली जैसी, फूल नहीं बनी थी! नहीं तो नागफनी बन जाती! छुओ तो मरो, हटो तो बचो! और तभ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

अब सुबह पता चलना था! खैर साहब, सो गए हम फिर पाँव पसार के! ऐसी नींद आयी, कि सुबह ही नींद खुली! औ जब उठा, तो पेट में ज्वालामुखी उफन रह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

मदिरा इठला रही थी गिलास में! खिल्ली सी उड़ा रही थी! कर दिया काम तमाम! और फिर से एक और गिलास! सलाद! माछ! और वो चटनी! वाह! खट्टी, हर...

2 years ago
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