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"इसको रख लो आप!" कहा मैंने,"मैं क्या करूँगा?" बोले वो,"रख लो! निशानी ही सही!" कहा मैंने,उन्होंने रख ली, आज भी है उनके पास वो, लेकिन रखी बहुत हिफाज़त से...
बड़ी भारी रही होगी!कम से कम सौ किलो की तो अवश्य ही!रत्न जड़े थे!आँखें रत्नों से बनी थीं,मालाएं, सब रत्नों की थीं!उनका मूषक ही कोई,दस-पंद्रह किलो का रहा ...
"गाँव समृद्ध होगा ये तो!" बोले वो,"रहा होगा!" कहा मैंने,"आओ!" बोले वो,और हम आगे चले,एक बड़ा सा चबूतरा पड़ा,उसके आसपास खंडहर थे,जैसे कभी कोई इमारत रही हो...
"ये कम से कम एक टन तो होगा!" बोले वो,"हाँ, कहीं ज़्यादा, हौदी आठ फ़ीट गहरी है!" कहा मैंने,उसकी दीवारों पर, नाग बने हैं,स्पष्ट है, वो रखित है!ऐसे नहीं नि...
ज़रा सा खींचा, और वो घड़ा चला आया बाहर,उसका ढक्कन खोला, उस सिक्के से, खुल गया,अंदर दो पोटलियाँ थीं, हरे रंग के कपड़े में बंधी हुईं,एक शर्मा जी को दी, एक ...
"हाँ, सब इतिहास में हाँ अब!" कहा मैंने,और हम आगे चले,उस जगह आ गए, जहां वो गाँव था कल,कही कहीं बस टूटी हुई दीवारें थीं,और कुछ नहीं, आसपास के देहाती लोग...
गाड़ी मोड़ी फिर,और हम हुए वापिस,रास्ते में, ये सारी घटना याद आती रही,वो मन्नी, वो वृद्धा,जेब से सिक्का निकाला चांदी का,गढ़ा हुए सिक्का था वो,किशन जी ने भ...
चौखट तक, दरवाज़ा नहीं था उसमे,और जब आई, तो साथ में सरजू और बिरजू थे,उनकी औरतें भी,सरजू और बिरजू हमे देख, चौंक पड़े थे!फिर भी, डरे नहीं हमसे, लिवा लायी थ...
"हाँ" बोला वो,"ठीक" कहा मैंने,और हम , अब निकले वहां से,कोई और चारा न था,फिर से इतना लम्बा रास्ता पार करना था,अब तो शायद सुबह ही हो जाती,चले वापिस हम, ...
एक कपड़ा था एक के हाथ में, फैला दिया उसने,मुझे उस पोटली का ध्यान आ गया, मैंने वो पोटली,उसके उस कपड़े में रख दी, उसने वो लपेट ली,और चला एक तरफ, और दूसरा,...
छत तो थी ही नहीं, बस दीवारें शेष थी, मिट्टी के मकान थे वो सब,"ये है कुमारगढ़ी!" बोला मैं,"हाँ, यही है वो गाँव!" कहा उन्होंने,"कभी हँसता-खेलता होगा ये ग...
एक पोटली पकड़े था वो, हाथ में,"थावणी जा रहा है?" बोला वो,"हाँ" कहा मैंने,"ले, ये रख ले" बोला वो,"क्या है ये?" पूछा मैं,"ठावणी में खाली नहीं जाते!" बोला...
और वो हमारे साथ अब, पैदल पैदल चलने लगा!हम करीब दो सौ मीटर आगे चले होंगे, कि कोई द्रुत गति से दौड़ता हुआ गया घोड़े पर!"सतभान? चिल्लाया वो, फौरन से चढ़ा घो...
शम्भा और धीमणा, ये साथी हैं?ये क्या खिचड़ी है?ये कैसा जाल है?और अब ये जोगना?ये कौन है?"ये बंथला कहाँ है?" पूछा मैंने,"है कोई साठ कोस पर" बोला वो,"क्या ...
"तुम किस क़बीले के हो?" पूछा मैंने,"गूला का" बोला वो,"सरजू-बिरजू को जानते हो?" पूछा मैंने,"हाँ, इसी गाँव के हैं" बोला वो,"कुमारगढ़ी के?" पूछा मैंने,"हाँ...
