श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 4, 2026
Topics: 245 / Replies: 9252
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

"हाँ गुरु जी, बचाओ इस झमेले से हमको" उसने हाथ जोड़ कर कहा, उसके बाद हम उठे और मै शर्मा जी के साथ राजेश के दिए गए कमरे में आ गए, शर्मा जी ने कहा," गुर...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

मैंने शर्मा जी को कहा कि वो उसको कह दें कि हम परसों वहाँ आ जायेंगे, शर्मा जी ने ऐसा ही कहा राजेश को! और हम नियत तिथि पर वहाँ पहुँच गए, वहाँ राजेश के...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

मै उसको ये स्पष्ट करना चाहता था कि हम उसके भले में हैं, बुरे में नहीं! मैंने अपनी जेब से ७ कौडियाँ निकाली और उनको स्वास्तिक के आकार में रख दिया! उसने ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

उसके बाद हम वहाँ से उठे, निकले और राजेश के घर आ गए...........वापिस....... रात्रि-समय भोजन पश्चात् मै और शर्मा जी इस विषय पर विचार कर रहे थे, एक तरह से...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

ये तो गान्धर्व-पुरी थी! शापित गन्धर्वों की पनाहगाह! वहाँ के प्रत्येक वृक्ष पर मोटे-मोटे सर्प लिपटे हुए थे! गन्धर्व और गंधर्व-कन्यायों का मिलन-स्थल! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ ललितपुर उत्तर प्रदेश की एक घटना

"नहीं गुरु जी, साधारण तो कतई भी नहीं" उन्होंने कहा, "तो फिर कौन सा जिंदा रह सकता है?" मैंने पूछा, "अगर वो मायावी है या दैवीय है तो जिंदा रह सकता ह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

कोई तीन महीने बाद, तारा को दौरा पड़ा और उसी दौरे में उसके प्राण-पखेरू उड़ गए! मुझे बहुत दुःख हुआ! बहुत दुःख! मैं उस तारा को आजतक नहीं भूल पाया हूँ! आजतक...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

सुबह सात बजे, मुझे शर्मा जी ने जगाया, मैं जाग, घड़ी देखी, सात बजे थे, हम अपने स्थान पहुँच चुके थे, शर्मा जी ने मेरा सामान उठाया और हम अपने स्थान में प्...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

मैंने अपना चिमटा उठाया, अपना वो कपाल उठाया और फिर अपना त्रिशूल सम्भाला, और फिर उन दोनों को देखा! "जाओ! चढ़ो बलि!" मैंने कहा, और मैं वहाँ से वापिस...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"भूरा? सोच ले?" मैंने कहा, उसने अनसुना कर दिया! अब उस साधिका ने मुझे अपशब्द कहे! कटु-शब्द! अत्यंत कटु-शब्द! मेरे बर्दाश्त से बाहर हाउ ये सब और म...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"सुन साधक! मैंने समझाया, यहाँ कुछ नहीं तुम्हारे लायक, अब जाओ!" वो बोला, बात तो सही थी! मैंने इंकार नहीं किया, बस गर्दन नीचे झुकला ली अपनी! कुछ प...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

मैंने आकाश को देखा! वो जस का तस था! फिर सामने देखा, सामने बाबा किरपाल त्रिशूल लिए खड़ा था, इस से पहले उसके हाथ में त्रिशूल नहीं था! वो अब वार करन...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

बहुत! छेद हो जाते हैं, यदि जीवित रहे भी तो सदैव रिसते रहते हैं! इसको भर्दन-क्रिया कहा जाता है! आज से तीन-चार सौ वर्ष पहले ये क्रिया हुआ करती थी, इसके ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

उसके साथ हूँ! मैंने जो सोचा था वही कर रहा था मैं, मैं इस साध्वी को जीवित रहने देना चाहता था और यही लक्ष्य था इस समय! अब साध्वी ने अमूमाक्ष-मंत्र पढ़...

1 year ago
Page 83 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top