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ओझा डरा-सहमा कांपने लगा था! अब मैंने शर्मा जी को रोका! मैंने ओझा को वहाँ बैठने के लिए कहा, वो बैठ गया जैसे कोई भीरु पशु! मैंने उस से पूछा, “ओमू, जो मै...
“एक बात बताओ भाई ओझा जी, गढ़ वाले बाबा के पास भेजा था तुमने इनको?” शर्मा जी ने पूछा, “हाँ, ये भाग आये वहाँ से” उसने बताया, “अच्छा! ये डर गए होंगे” ...
“ऊपर है” सुरेश ने बताया, “तो चलिए, मुझे बहुत काम है अभी” उसने कहा और अपने बैग से मोरपंखी की झाड़ू निकाल ली, शर्मा जी ने वो मोरपंखी की झाड़ू उसके हाथ...
कैसा लालच गुरु जी?” उन्होंने पूछा, “ये तो मै भी नहीं जानता, लेकिन आज जान जाऊँगा, आप प्रतीक्षा करें!” मैंने कहा, “एक बात बताइये?” मैंने पूछा, “जी...
“शर्मा जी, मुझे नुपुर में और कोई ‘विशेषता’ भी मालूम नहीं पड़ती” मैंने कहा, “विशेषता?” उन्होंने पूछा, “हाँ, ऐसा होता है” मैंने कहा, “ये तो और गूढ़ ...
“याद करो, करीब आठ महीने पहले, जब आप सब लोग बद्रीनाथ से आये थे तो जोगीराज ने तुम्हे कुछ खिलाया था, प्रसाद वगैरह?” मैंने पूछा, “वहाँ से आने के बाद हमन...
अब मुझे झटका लगा! वो गढ़-गंगा वाला बाबा भी इस जोगीराज का सहयोगी है! और वो ओझा भी उसीका चमचा है! इसीलिए उसने एक हफ्ते रुकने के लिए कहा था! क्या साजिश थी...
मुझसे आश्चर्य हुआ! “और ये जोगीराज कौन है?” मी सवाल किया, “ये, ये इनका मंझला पुत्र है जी” उन्होंने कहा, “उम्र क्या होगी?” मैंने पूछा. “यही कोई ...
शर्मा जी ने गाड़ी स्टार्ट की और हम फिर चल पड़े सुरेश के घर की ओर, सुरेश को अपने आने की इत्तला कर दी थी शर्मा जी ने, ये भी पूछ लिया था कि नुपुर पहले के अ...
उसकी पुत्री नुपुर ही बता सकते थे! अब मै क्रिया से उठा, अलख-नमन किया और कक्ष से बाहर आ गया! शेष रात्रि सोने में बिता दी! प्रातः हुई,फिर करीब दस बजे...
जी!” वे बोले शर्मा जी ने सामान लिखवा दिया उनको! उसके बाद हम वहाँ से वापिस आ गए, सफलता का एक चरण तो पूरा हो चुका था, अब शेष पर कार्य करना था, इ...
“जी” उसने फिर से गर्दन हिलाई, अभी कोई पांच मिनट बीते होंगे, नुपुर को उबकाई शुरु हो गयीं! उसके पास तसला रख दिया गया, उसने उलटी करनी शुरू कर दी, उलटी ...
“आप पहले शांत हो जाइये” मैंने कहा, उन्होंने सिसकियाँ थामीं अपनी! “सुनिए, अब कैसी है, कोई फर्क दिखा उसमे?” मैंने पूछा, “गुरु जी, आज आठ महीनों के ...
फिर मैंने रास्ते में एक जगह गाड़ी रुकवाई और कुछ पत्ते तोड़ लिए कनेर के और फिर चल पड़े हम आगे! आगे जाकर हमने गाड़ी गाज़ियाबाद के लिए मोड़ दी, कुछ ही देर मे...
मेरी नींद करेब सात बजे खुली, मै स्नान करने के पश्चात सीधा ही अपने क्रिया-कक्ष में चला गया, और फिर अलख उठा दी, अलख-भोग दिया और फिर मैंने क्रिया आरम्भ क...
