श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Feb 10, 2026
Topics: 245 / Replies: 9249
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वो खड़ी हुई और फिर से नृत्य करने लगी! सभी औघड़ों के पास जाती! और आती, फिर जाती, और फिर आती! मेरे पास भी आयी, लेकिन चेहरा नहीं देखा मैंने उसक...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

अब नहीं था उनके बसकी खड़ा होना, काम ख़तम हो ही चुका था उनका, अब आराम ही करें तो बढ़िया था! बाबा फिर से आ बैठे! अलख में भोग दिया! अलख नाची! जी...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मसान-भोग हुआ! श्मशानी-भोग हुआ! और बाबा खड़े हुए! उस पेड़ की परिक्रमा की! और कुछ चिन्ह लगाए! कुछ मंत्र पढ़े! यहीं प्रकट होना था वो वेताल! बस...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और अब बाबा ने मंत्रोच्चार आरम्भ किये! बारह थाल थे वाहन, बत्तीस बड़े बड़े दिए, थालों में साही का मांस था! वेताल का प्रिय भोजन! अन्य मांस भी थे!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

पूर्णतया नग्न थीं, एक बात कहूं? मुझे उस दिन बहुत शर्म आयी उनको ऐसा देखकर! पता नहीं क्यों? पता नहीं! मैंने बहुत साध्वियां देखी हैं ऐसी, बहु...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

बस एक डेढ़ घंटे के बाद, दुबारा मिलना था अब! क्रिया-स्थल में! कोई बीता एक घंटा! और एक सहायक आया मेरे पास! और ले गया मुझे बुलाकर! मैं जान...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

इसीलिए कहते हैं औघड़! दूर रहा कर! अब फंस! भुगत! लपेट गले में सांप! और रख हमेशा साथ! “ऐसा नहीं है! तुम अच्छी लड़की हो, मुझे पसंद हो, तुम्हारे...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वाह! “क्या हुआ?” मैंने पूछा, वो भागे जा रही थी! गुस्से में! मैंने उसको अब उसके कंधे से पकड़ा! रोका! और फिर अपनी तरफ किया, उसका चेहरा उठाय...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

“मैं जानती हूँ!” वो बोली, “क्या जानती हो?” मैंने पूछा, “कि क्या सोचा आपने!” वो बोली, शर्माते हुए! “क्या सोचा?” मैंने पूछा, “कि कोई होगा प्रे...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और फिर से चल पड़ा, उसका हाथ खींचते हुए! वो फिर से रुकी! मैं रुका! “नाम बताऊँ?” उसने पूछा, “बताओ?” मैंने कहा, “बता दूँ?” उनसे पूछा, “हाँ, ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वो रुकी! मैं रुका! “ये नहीं पूछोगे कि किसने?” उसने पूछा, “किसने?” मैंने पूछा, “किसी ने!” वो हंस के बोली! “कौन किसी ने?” मैंने भी हंस के पूछा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मैंने प्रणाम किया उन्हें और पाँव छुए, उन्होंने सर पर हाथ रख कर आशीर्वाद दिया! और हम सब चल पड़े! तभी मेरा हाथ किसी ने थामा, मैंने देखा, ये पूजा ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और फिर धुंधली सी छाया दिखायी देने लगी! ये नाव थी! हमारी तरफ ही बढ़ी आ रही थी! मैं देखता रहा! नदी के सीने पर छमछमाती आती जा रही थी वो नाव! और ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मछली पकड़ने का जाल रखा था वहाँ, उसको हटाया और सामने देखने लगे! नाव से ही आना था उनको! नाव से थोड़ा ही समय लगता, बनिस्बत इसके कि सवारी से आया जात...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

उसने, बात करवा दी मेरी पूजा से, मैंने बता दिया कि मैं आ जाऊँगा! खुश हो गयी वो! तो मित्रगण! दो दिन काटे अब! बारिश ख़तम हो चुकी थी! अब धूप का...

1 year ago
Page 69 / 633
error: Content is protected !!
Scroll to Top