श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सोचा! विचारा! अपने व्यक्तिगत अनुभव टटोले! खोला पिटारा! और उत्तर दिया– हे कौशान! हे वेताल! सत्य कहा आपने! सबसे बड़ा दुर्गुण ये अमर्ष ही है! इस स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सही और सटीक उत्तर था उनका! सच में! ये त्रिदिव, नगेश है इस रत्नगर्भा में! कोई संदेह नहीं! अकाट्य सत्य! और फिर से कूदा नीचे वेताल! सर को झ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और उत्तर दिया– हे कौशान वेताल! त्रिदिव! यूँ तो ये त्रिदिव इस रत्नगर्भा में इसके प्रत्येक सैकत में है! पर आपके प्रश्न के आशय में मैं यही कहूंगा कि ये त...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वेताल कूदा! और बाबा के सम्मुख हुआ! बाबा का एक चक्कर लगाया, बाबा उसके केश-पाश में बंध गए जैसे! फिर से सम्मुख हुआ! और फिर से एक और प्रश्न! प...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

त्वरित उत्तर भी दिया करते थे! वेताल वहीं था, अभी बना हुआ! प्रसन्न था वो! इसी कारण से कि, उसके प्रश्नों के उत्तर मिल रहे थे उसको! मित्रगण! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

बहुत कठिन हैं! अर्थ का अनर्थ हो जाए, यदि कोई शब्द समझ नहीं आये तो! और कहीं वेताल क्रोधित हुआ, तो समझो लटके प्राण अधर में! इसीलिए, वेताल-सा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

कौशान वेताल ने अट्ठहास लगाया! ज़बरदस्त अट्ठहास! उड़ चला! शाख पर जा बैठा! उत्तर सटीक था! एकदम सटीक! मैं तो भावाविभोर हो उठा! क्या ज्ञान था ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

इस रत्नवति पर! सभी के लिए! सभी के लिए! हर प्राणी के लिए! सृष्टि के लिए! एक दूसरे के पूरक हैं ये! अब उत्तर कैसे हो? पारिभाषित? समस्या! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वेताल-प्रश्नों की आंधी! ऐसी आंधी, कि कोई भी उड़ जाए उसमे! वो फिर से छलांग लगा कर, नीचे कूदा! बाबा के सामने! और हलकी सी हंसी हंसा! और फिर ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

क्या सटीक उत्तर था! वाह! वाह! सच में! सच में मैं धन्य हो गया! ये क्रिया पूर्ण हो जाए, तो बाबा खेड़ंग के चरणों की धूल सजाऊंगा अपने माथे पर! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और फिर से दूसरा प्रश्न! प्रश्न– काम-पुहुप और कुसुमासव-पुहुप क्या एक ही हैं? हैं तो कैसे? नहीं तो कैसे? ये प्रश्न पूछ, वो हंसा! अट्ठहास! भयान...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और बोले — वामांगिनी और रमणी में अंतर है हे कौशान वेताल! और मूल अंतर है अक्षि का! मात्र अक्षि का! वामांगिनी और रमणी दोनों ही यामामोद प्रदायक हैं, परन्त...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

नसीब हुआ करता है! तो हम सभी उस दृश्य के प्रत्येक अंश को, भसकते जा रहे थे अपने अन्तःकरण में, बाबा खेड़ंग डटे हुए थे! और ये बड़े ही फ़क्र की बात थी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

अत्यंत गूढ़! प्रतीकात्मक शब्द! बाबा ने फिर से विचारा! और उत्तर दिया- विपट! अट्ठहास! और अट्ठहास! झूम गया वो! प्रसन्न था! बहुत प्रसन्न! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

नहीं समझ आ सकता था! साधारण को तो नहीं! बाबा ने सोचा! विचारा! और उत्तर दिया– शफरी! फिर से अट्ठहास! प्रबल अटटहास! वो अट्ठहास करता! और हम...

2 years ago
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