श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और पाँव नीचे! अट्ठहास करता! हिला देता था हम सबको! असान-मसान सब भाग चुके थे! नहीं तो आज अंत हो जाता उनकी इस योनि का! शमशान हिला रखा था उसने! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

ना बाप! ना ही तेरे भाई-बहन! ना कोई मित्र, और ना ही तेरी भार्या! जो मर्जी कर! छोटी सी बात है! जैसे कर्म, वैसे फल! बस! यही है मूल सत्य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

तो ये देह किसकी हुई? कौन है इस देह का असली मालिक? वो? नहीं! कदापि नहीं! उसने तो दे दिया तेरे मांस के पिंड में जीवन! वो ज्योति! दे दी उसन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मुझे तो नहीं मिला अभी तक! आज तक नहीं! अरे! मानस देह है! मानस के विचार! आसपास देखो! क्या हो रहा है! क्षण प्रतिक्षण, अवसान हो रहा है! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

परिवर्तन! अरे हम लायेंगे परिवर्तन! अब चाहे घर बीके, चाहे, खेत! क्या फ़र्क़ पड़ता है! हमारे शौक़ न ख़त्म हों बस! कमी न पड़े कोई भी! चाहे भार्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सभी मर्यादाएं तोड़ डालते हैं! जानते सब हैं! अंतरात्मा की बात नहीं मानते बस! कैसे मानें! कैसे!! अरे! तेरे हाथ में आया लड्डू मेरे लड्डू से बड़...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

अपने लक्ष्य के लिए तो हम, अपने पिता से, माता से, भाई से, बहन से, भार्या से, मित्र से, सभी से विवाद कर लें! और नहीं तो भला-बुरा भी कह द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

एक नन्हा सा बीज, अपनी सुकोमल देह के संग, भूमि को फाड़ कर अंकुरित हो जाता है, वैसे ही ये सत्य है! सत्य को आप किसी भी वस्तु या मिथ्या-लौह से ढक द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

तो क्षमा चाहता हूँ! क्षमा करें! हाँ! वेताल प्रसन्न था! वो पेड़! ऐसे हिलता था, जैसे, बातें सुन रहा हो हमारी! वो सेमल का पेड़ अब तो! सिं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

इलाज करवाओ! और ये! ये सम्भव नहीं! क्यों? क्योंकि, यात्रा पर जाना है! डुबकी लगानी है! छात्र चढ़ाना है! वस्त्र चढाने हैं! श्रृंगार देना...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

कमाने को! श्रम करने को! बुद्धि दी है, विवेक दिया है! किसलिए? क्योंकि हम कर्म-योनि में हैं! तो भूखा कौन? भूखे वो! जो इस कर्म-योनि में न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मूढ़ लोग! हाँ मूढ़ लोग! जाया करते हैं, और फिर प्राकृतिक आपदा के शिकार हो जाया करते हैं! तब कहाँ होता है ये?? ये मतलब वो! वो! वही, वही रच...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु अपना जीवन यापन करते हैं! ये प्राण-दायक है उनके लिए! इसलिए ये अमृत है इस धरा पर! अब आसव! आसव से प्यास नहीं बुझती! मद चढ़ता है...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

परन्तु, गुण में सर्वथा भिन्न! क्या प्रश्न किया था वेताल ने! प्रश्न और तीक्ष्ण से हो चले थे! बाबा ने प्रश्न दोहराया! कुछ सोचा! अपनी अनुभव क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मैं भी प्रसन्न था! वेताल प्रसन्न था! तभी बना हुआ था! नहीं तो अब तक वो चला गया होता! और हम भूमि पर गिरे होते! वो पेड़ के भवरें काट रहा था!...

2 years ago
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