श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Mar 30, 2026
Topics: 245 / Replies: 9252
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मुझे तो नहीं मिला अभी तक! आज तक नहीं! अरे! मानस देह है! मानस के विचार! आसपास देखो! क्या हो रहा है! क्षण प्रतिक्षण, अवसान हो रहा है! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

परिवर्तन! अरे हम लायेंगे परिवर्तन! अब चाहे घर बीके, चाहे, खेत! क्या फ़र्क़ पड़ता है! हमारे शौक़ न ख़त्म हों बस! कमी न पड़े कोई भी! चाहे भार्...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सभी मर्यादाएं तोड़ डालते हैं! जानते सब हैं! अंतरात्मा की बात नहीं मानते बस! कैसे मानें! कैसे!! अरे! तेरे हाथ में आया लड्डू मेरे लड्डू से बड़...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

अपने लक्ष्य के लिए तो हम, अपने पिता से, माता से, भाई से, बहन से, भार्या से, मित्र से, सभी से विवाद कर लें! और नहीं तो भला-बुरा भी कह द...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

एक नन्हा सा बीज, अपनी सुकोमल देह के संग, भूमि को फाड़ कर अंकुरित हो जाता है, वैसे ही ये सत्य है! सत्य को आप किसी भी वस्तु या मिथ्या-लौह से ढक द...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

तो क्षमा चाहता हूँ! क्षमा करें! हाँ! वेताल प्रसन्न था! वो पेड़! ऐसे हिलता था, जैसे, बातें सुन रहा हो हमारी! वो सेमल का पेड़ अब तो! सिं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

इलाज करवाओ! और ये! ये सम्भव नहीं! क्यों? क्योंकि, यात्रा पर जाना है! डुबकी लगानी है! छात्र चढ़ाना है! वस्त्र चढाने हैं! श्रृंगार देना...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

कमाने को! श्रम करने को! बुद्धि दी है, विवेक दिया है! किसलिए? क्योंकि हम कर्म-योनि में हैं! तो भूखा कौन? भूखे वो! जो इस कर्म-योनि में न...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मूढ़ लोग! हाँ मूढ़ लोग! जाया करते हैं, और फिर प्राकृतिक आपदा के शिकार हो जाया करते हैं! तब कहाँ होता है ये?? ये मतलब वो! वो! वही, वही रच...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु अपना जीवन यापन करते हैं! ये प्राण-दायक है उनके लिए! इसलिए ये अमृत है इस धरा पर! अब आसव! आसव से प्यास नहीं बुझती! मद चढ़ता है...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

परन्तु, गुण में सर्वथा भिन्न! क्या प्रश्न किया था वेताल ने! प्रश्न और तीक्ष्ण से हो चले थे! बाबा ने प्रश्न दोहराया! कुछ सोचा! अपनी अनुभव क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मैं भी प्रसन्न था! वेताल प्रसन्न था! तभी बना हुआ था! नहीं तो अब तक वो चला गया होता! और हम भूमि पर गिरे होते! वो पेड़ के भवरें काट रहा था!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सोचा! विचारा! अपने व्यक्तिगत अनुभव टटोले! खोला पिटारा! और उत्तर दिया– हे कौशान! हे वेताल! सत्य कहा आपने! सबसे बड़ा दुर्गुण ये अमर्ष ही है! इस स...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

सही और सटीक उत्तर था उनका! सच में! ये त्रिदिव, नगेश है इस रत्नगर्भा में! कोई संदेह नहीं! अकाट्य सत्य! और फिर से कूदा नीचे वेताल! सर को झ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और उत्तर दिया– हे कौशान वेताल! त्रिदिव! यूँ तो ये त्रिदिव इस रत्नगर्भा में इसके प्रत्येक सैकत में है! पर आपके प्रश्न के आशय में मैं यही कहूंगा कि ये त...

1 year ago
Page 66 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top