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“चलो अब” मंगल ने कहा और उठा और अपना झोला खूँटी से उतारा उसने, “चल भई मंगल” फौजी ने भी उठते हुए कहा! तो मित्रो! मंगल और उसका चेला और ये तीन लोग, चल...
“एक काम करो, पैसे दे जाओ कुछ पंडित जी को, मै सामान ले आऊंगा, फिर आज रात पहुँचता हूँ आपके गाँव में, फिर चलते हैं खेतों की तरफ” मंगल ने कहा, अमर सिंह ...
पंडित जी के पास, नमस्कार हुई तो मंगल भी पूजा-अर्चना करने लगा, यहाँ फौजी और अमर सिंह का एक एक पल घंटा हुए जा रहा था! जब फारिग हुआ तो पंडित जी से हाल-चा...
चंदर, बचा ले मुझे?” औरत की आवाज़ आई, “कौन है तू? सामने तो आ?” फौजी ने कहा, “चंदर मेरे पास आ, मुझे बचा ले” उस औरत ने कहा, “पहले ये बताओ, तुम हो कौ...
समय साढ़े दस बजे थे, बीडी चलती रहीं वहाँ, फौजी गाँव से ही दारु पी कर आया था और अब डटे बैठा था वहाँ! “चंदर? यहाँ से ही आती है आवाज़?” फौजी ने पूछा, “...
“किस से बचा ले?” चंदर ने पूछा, “मुझे बचा ले” आवाज़ आई, “सबसे पहले ये बताओ, तुम हो कौन??” चंदर ने पूछा, “मुझे बचा ले?” वो औरत अब चिल्लाई! जब वो ...
जैसे विश्वास नहीं हुआ, उसने कहा अमर सिंह को कि वो चलें एक बार खेत पर, हो सकता है कि वो आवाजें फिर से सुनायीं दे जाएँ? अमर सिंह मान गए! उसी रात साढ़े ...
“तू आ गया चंदर?” आवाज़ आई, “हाँ, लेकिन तू है कौन? कहाँ है?” चंदर ने पूछा, अब वो औरत रो पड़ी! चिल्ला चिल्ला के! अब चंदर को लगा कि सच में ही ये कोई ...
दरअसल, कोई तीन महीने पहले की बात होगी, अमर सिंह का बड़ा लड़का, चंदर, अपने खेत में पानी लगा रहा था, वक़्त करीब रात का कोई ग्यारह बजे का रहा होगा, तभी खेत ...
मै तो वहाँ छान के नीचे पड़ी एक बड़ी सी चारपाई पर पाँव पसार के लेट गया! कमर सीधी हुई तो जाके कहीं चैन पड़ा! अमर घर के अन्दर से ठंडा पानी ले आये, आजकल गाँव...
मैंने जगाया उन्हें! और फिर वस्त्र पहनाये! और चल पड़े वापिस! उस रात वे मेरे कक्ष में ही सोयीं! मित्रगण! अगले दिन, हम लौट आये! काजल और पूजा...
सब ख़तम! वेताल चला गया था! हम सफल रहे थे! मैं भागा! और बाबा के चरणों में लेट गया! पकड़ लिए चरण! बाबा झुके, और मुझे उठाया! और गले से लगा ...
उछल-कूद करे! पाँव पटके! अट्ठहास करे, तो उसका उदर हिले! और हिलें हम भी! तभी अट्ठहास हुआ! और वो बाबा के समक्ष हुआ! अपने शरीर में! करीब प...
कारण है, कि इस निलय के बहकावे में आकर हम अपनी ज्योति को मद्धम कर लिया करते हैं! उसमे कलुषिता का आवरण चढ़ा दिया करते हैं! दुष्कर्म कर इस पावन निलय को दू...
