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आप सभी जानते ही होंगे कि सभी देवी-देवताओं को शंख से जल चढ़ाया जाता है! परन्तु औघड़ी शिव को नहीं! जानते हो क्यों? कोई न कोई कारण तो रहा ही होगा! आपने कृष...
चलिए! एक और मस्तिष्क-पहेली बूझ रहा हूं! सभी को पता है कि सबसे पहले सृष्टि में, इस प्रकृति का ही जन्म हुआ और उसके बाद, शेष रचनाएं हुईं! इन्हीं रचनाओं म...
"खबर मिली थी, तू जा रहा है?'' पूछा मैंने,"जाना था, नहीं जा पाया!" बोला वो,"और वो ठीक है तेरी, क्या नाम है उसका?" पूछा मैंने,"रेश्मी?" बोला वो,"हां! वो...
गजनाथ भी हड़बड़ा कर उठ गया था! वो जो बुलाने आया था वो चला भी गया था, शायद ऐसे ही सभी को जगाने के लिए निकला था!"आ गए शायद!" कहा मैंने,"हां, हो सकता है!" ...
अब कुछ रीत! ये सब मैं गीता के अनुसार ही बताऊंगा! प्रयास करूंगा मेरा अर्थ है! सबसे बड़ा प्रश्न और जंजाल! इस प्रश्न से मैं सदैव ही जूझता रहता था, परन्तु,...
अब तनिक यथार्थ का चिंतन-मनन! भगवद गीता, एक पवित्र हिन्दू ग्रंथ है! सबसे पहले तो ये शब्द, हिन्दू! इसका मूल क्या है? दरअसल हिन्दू शब्द का कोई मायने ही न...
नमस्कार मित्रगण! तो आज फिर से कुछ नया ही प्रस्तुत करूंगा! सबसे पहले गुज़ारिश है कि ऐसा नहीं मान लें कि जो मैंने कहा या लिखा वो अंतिम है, कुछ कम भी सम्भ...
थोड़ा सा और लिखना चाहूंगा! सात्विक, राजसिक एवं तामसिक! ये हैं क्या? कभी विचार किया है? या फिर सात्विक का अर्थ हुआ, मांस-मदिरा से दूर! राजसिक हुआ राजा क...
कुछ देर बाद आया वो, और बैठ गया, इस बार कुक्कड़ ले आया था, वही रख दिया सामने उसने! और बैठ गया!"अभी कोई पता नहीं!" बोलै वो,"कोई नहीं आया?" पूछा मैंने,"नह...
चलिए मित्रगण! अब घटना का वर्णन! मैं समय समय पर इस प्रकार के विषय उठाता रहूंगा! एक बात और मित्रगण! मैंने देखा है, इंटरनेट पर, पत्रिकाओं में, किताबों मे...
लकीर के फ़कीर! सच ही तो कहा मैंने! मुझे कोई खेद नहीं ऐसा लिखने में! जो धर्म आज आप, हम सब देखते हैं, सुन रहे हैं, बांच रहे हैं, ये सब सत्ताओं का खेल है!...
मित्रगण! कल के इस राधा प्रकरण से अवश्य ही मेरे सात्विक मित्रों को असहजता महसूस हुई होगी! मानता हूं, क्षमा भी मांग ली थी पहले ही! आप और अधिक जानिये, जो...
हुआ यूं कि दो वर्ष पहले, एक व्यक्ति की मृत्यु अस्पताल में हो गयी, समय था सुबह चार बजे के आसपास का, वो व्यक्ति मसान के स्थान पर लाया गया, मसान ने उस से...
चलिए! आपको एक जगह लेकर चलता हूं! ये जगह है, मसान-स्थान! स्थल है मरघट, विशेषता, ये ब्रह्म-श्मशान है! इस ब्रह्म-श्मशान में, आठ प्रहर नहीं होते, चार होते...
नहीं! कोई नहीं! उनकी अपनी तो कदापि नहीं! यदि मैं ही गलत होऊं तो अवश्य ही बताएं! मित्रगण! कहते हैं, तंत्र में, बस वही ही बता सकता हूं, जो मनुष्य विवेक ...
