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"है कितनी दूर यहां से?" पूछा मैंने,"करीब पचपन!" बोला वो,"और आसपास?" पूछा मैंने,"सभी यही!" कहा मैंने,"आम बसावट?" पूछा मैंने,"कोई नहीं जाता!" बोला वो,"अ...
सामान निकाल लिया उसने! और एक एक कर नीचे रखता चला गया, अपने हिस्से का माल निकाल उसने, अपने घुटने के नीचे टिका लिया और हमारा हमारी तरफ सरका दिया!"एक बात...
तो मित्रगण, हम निबट गए थे, भोजन भी कर लिया था, भोजन में रसे वाली मछली, चावल, बूंदी से बनाई एक अलग सी सब्जी, जिसमे, सभी सब्जियां काट के डाली गयी थीं, स...
मित्रगण! यहां बात हुई एक विशेष प्रकार की साधिका की, जिसे भग्गज कहा जाता है! इस साधिका में, स्त्री में, वयस्क कन्या में जो भग होता है, तो दृश्यमान नहीं...
उनसे बात हुई, काफी देर तक, वे कल पहुंच जाते, फिर बाकी बातें बाद में ही होतीं! उनको कहां ठहरना है, ये भी बता दिया था! उसके बाद हम फिर से लग गए अपनी मच्...
अब जैसे तैसे वो टुकड़ा, हलक़ की कुइयां में ढकेला! और ठंडा पानी पिया फिर! नाक पर पसीने आ गए थे!"अबे कौन सी कलंदरिया मिर्च हैं ये?" पूछा मैंने,"यहीं की है...
"मुझे इनका क्रिया-विधान देखना है!" कहा मैंने,"समझ गया!" बोला वो,"देख ले, कोई झगड़ा न हो!" कहा मैंने,"होना तो नहीं चाहिए!" बोला वो,"हुआ तो बुरा हाल करें...
एक लड़का चाय ले आया था, हम अब बाहर बैठ गए थे, लड़के से कुछ मंगवाया था उसने, कोई सामान था शायद, तो चाय पीने के बाद हम निकल लिए वहां से, अब हमें जाना था इ...
इस तरह से बज गए एक, अब तक कुछ न हुआ, और अब होना भी नहीं था, हो भी जाता तो इतना समय नहीं था कि उसको तैयार किया जा सके, इसका अर्थ ये था कि अब इसे निश्चि...
तो देर रात तक हमारी बातें होती रहीं! गजनाथ एक सुलझा हुआ और सम्भले दिमाग का आदमी है, बस इतना ज़रूर है कि थोड़ा सा फ़िसलू है! मतलब, बहती गंगा में हाथ धोने ...
वे दोनों उठ कर, एक तरफ चले गए, सुनीता ने क्या बात करनी थी ये वो जाने और वो गजनाथ जाने! न मुझे कोई मतलब ही था उनसे, देखा जाए तो दोनों ही स्थानीय थे, अब...
"बता?" बोला मैं,उसने गिलास ख़तम किया अपना, एक टुकड़ा उठाया उस बर्तन से, उसे काटा और चबाने लगा, चबाते चबाते वो रुका.."श्रीचंद को जानते हो?" बोला वो,"कौन ...
और ठीक नौ बजे करीब बाबा वेगनाथ जी का आना हुआ उधर! सभी ने उनका अभिनंदन किया और चरण छुए! तंत्र में गुरु-महिमा का एक अलग ही स्थान है, गुरु से बढ़ कर कोई न...
उचित है! अब मैं सरभंग-सम्प्रदाय के विषय में लिखता हूं! प्राचीन काल से ही तीन सम्प्रदाय अस्तित्व में रहे हैं! पहला अघोरपंथ, दूसरा सरभंग और तीसरा घुरे, ...
आप सभी जानते ही होंगे कि सभी देवी-देवताओं को शंख से जल चढ़ाया जाता है! परन्तु औघड़ी शिव को नहीं! जानते हो क्यों? कोई न कोई कारण तो रहा ही होगा! आपने कृष...
