श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और पलटा पीछे!गया अलख तक,झोंका ईंधन!और लिया एक झोला!निकाले पीतल के तीन दीपक!मूर्ख कहीं का!"तावक!" कहा मैंने,नहीं सुना उसने, टालता रहा!"खण्डार!" बोला मै...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

दोनों हाथ खोले,वो नीचे अब बैठता चला गया!भूमि में सर लगाया!और रोने लगा ज़ोर ज़ोर से!"तावक!" चीखा मैं!उसने ऊपर देखा,चेहरे पर मिट्टी लगी थी!"अभी भी समय है!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

मिट्टी उड़ाता हुआ गुजर गया वहां से!इसी बीच,मेरे स्थान पर, तलवारों की सी टंकार करती हुई आवाज़ें आने लगीं थीं!ये लहुशमाद्रि का आगमन था!भेज दिया था तावक ना...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और उसने जैसे हठ पकड़ा, झूमने लगी वो!उसमे अपार बल आ चला था उस समय!स्थिति तनावपूर्ण हो चली थी,वो काम-क्रीड़ा चाहती थी, ये शक्ति-वेग के कारण था,और मैं आह्व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

तो ये सिद्ध हो जायेगी!सिद्ध होते ही,ऐच्छिक कार्य तो सिद्ध होंगे ही,आपकी वाणी भी सिद्ध होने लगेगी!अब मैंने इसका आह्वान किया था!इस आह्वान में,साधक के ऊप...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

आभूषण धारण किये रहती है,शेष देह नग्न है,एक हाथ में त्रिशूल,और दूसरे हाथ में अस्थि-दंड धारण करती है!शत्रु-भंजनी है!इक्कीस रात्रि साधना है इसकी,इक्कीस ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

या तो क्षमा मांग लो, या फिर पूर्ण करो,कोई भी साधना बिना गुरु की उपस्थिति के, कभी नहीं करनी चाहिए,यहां तक की प्रेत-साधना भी,मनुष्य की एक न चलेगी प्रेत ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

माँगा त्रिशूल अपना उसने, और दिया गया उसे वो त्रिशूल,एक महानाद किया उसने! और गाड़ दिया वहीँ!उठाया चिमटा अपना, खड़काया और मदिरा पी,चिमटे पर कुल्ला किया, औ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और चिल्लाया! महानाद किया!और लड़ाई देख वहां!तावक नाथ खड़ा था उधर ही! उसे साथी औघड़ भी, और उसकी साध्वियां भी!त्रिशूल नीचे पड़ा था उसका! उसे यक़ीन नहीं था कि ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

प्रकाश कौंधा!जैसे बिजली चमकी हो!अंगार बरसने लगे!चकाचौंध रौशनी फ़ैल गयी!मैं उठा और पहुंचा वहाँ!त्रिशूल गाड़ा उधर ही,भोग-थाल सजाया,और लेटा भूमि पर!और फूटा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

विषैले सर्प!सभी के सभी!नाग थे सब! अनुभव क्र. ९२ भाग ७ (अंतीम)लेकिन घेरा न भेद पाये!शंख-घेरा काढ़ा था मैंने, कैसे भेदते!क्रौंच क्या, महाक्रौंच भी न भे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

दूसरा औघड़, अलख संभालता रहा!और वे तीन,आये उठकर,एक के पास त्रिशूल था,भूमि में गाड़ा,और बैठ गया नीचे,कपाल उठाया,शराब का प्याला पिया,भूमि पर कुछ काढ़ा,और गल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

तो ये प्रयोग किया जाए, तो अवश्य ही सफलता प्राप्त होती है,फिर से एक बार कहूँगा कि, सात्विक विचारधारा वाले ये प्रयोग न करें,बकरे की ताज़ा कलेजी लाएं सौ ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

सिद्ध होने के पश्चात,साधक तीन रात्रि और दिन,नेत्रहीन होता है!तदोपरांत साधना पूर्ण होती है! अत्यंत ही क्लिष्ट साधनाओं में से एक है!हैरत के बात थी! इस व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

स्तनों से रक्त बहता रहता है,लाल होते हैं स्तन इसके,शेष देह नग्न है,मस्तक पर भाल धारण करती है,केश रुक्ष हैं,चौदह मसानों द्वारा सेवित है!ग्यारह महाशाकिन...

2 years ago
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