श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“घर से बाहर शहर जाने के रास्ते में पड़ता है” वे बोले, “उन्होंने रोका नहीं?” मैंने पूछा, “मैं बस में था” वे बोले, “चारों थे?” मैंने पूछा, “हाँ ज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

ये भी तो झूठ नहीं बोल रहे! हो सकता है, ऐसा हो! बड़ा अजीब! “अच्छा, फिर?” मैंने पूछा, “मैं घर पहुंचा किसी तरह, घर पर भाइयों ने मेरा हाल देख...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“फिर?” मैंने पूछा, “मैंने ऐतराज जताया, तो एक ने मेरे सर के बाल पकड़ कर कहा कि अगर मैं नहीं बताऊंगा तो वे मुझे मार कर गाड़ देंगे ज़मीन में, मैं डर गया, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“मैंने घड़ी में समय देखा, साढ़े सात हो चुके थे, मैंने सोच कि अब चला जाए वापिस, मैंने मोटरसाइकिल स्टार्ट की, आगे चला, तो पता चला कि पंक्चर हो गया है पिछल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

और फिर तीन दिन के बाद वे आ गए! नितेश जी बहुत घबराये हुए थे! मैंने उनको पानी पिलवाया! उन्होंने पानी पिया, “अब बताइये” मैंने पूछा, वे सोच में ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

तीन रोज बाद, एक औघड़ और वो तावक नाथ, अचेतावस्था में ही, इस संसार से विदा ले गए, तावक नाथ की अस्थियां, बाइस जगह से टूट गयी थीं, दूसरे औघड़ की तिल्ली फट ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

सामग्री तितर-बितर हो चलीं!दो औघड़ पीछे हटे, हाथ थामे एक दूसरे का!फिर से भयानक अट्ठहास हुआ!और अगले ही क्षण!अगले ही क्षण, दो औघड़ हवा में उछाल दिए गए कम स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

थे! एक एक कर अपनी समस्त सिद्धियां को बैठा था! ये मात्र मेरे श्री श्री श्री जी द्वार रचा गया था! अब तावक नाथ के पास, बस उसका खोखला दम्भ ही बचा था, और क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

वो हंसा!छाती पर हाथ मार हंसा!"नहीं! **** *****!" बोला वो,और हंसा वो!"तू रिक्त हुआ तावक! सोच ले!" कहा मैंने,"तू वार कर?" चीखा वो,बस!पाप के घड़े में आखिर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

उठा और चला अलख पर!उठाया कपाल!लगाई देख!वे साध्वियां,अचेत पड़ी थीं!तावक नाथ, लेटा पड़ा था!वे चारों औघड़, दूर खड़े थे!"तावक?" चीखा मैं,देखा उसने सर उठाकर,"खण...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

लेकिन घेरा करीब आठ फ़ीट का था!यही थी खण्डार!मेरे तंत्राभूषण गरम होने लगे!और उस वलय का दायरा कम!यही चलता रहा!टक्कर चलती रही!मैं साधिका के पांव मोड़, बैठा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और छुआया उन साधिकाओं से!वे बैठे बैठे ही तन गयीं!रीढ़ की हड्डी ऐसे मोड़ ली, कि टूट ही न जाए!और फिर वे झूमने लगीं!दांत फाड़ता रहा तावक नाथ!रक्त के छींटे छि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

अब मैंने उस कमल की आकृति को, मन्त्रों द्वारा अभिमंत्रित किया,कई अन्य विद्याओं द्वारा पोषित किया!कहीं भी कोई छिद्र रह नहीं जाना था, अन्यथा परिणाम बहुत ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

एक एक मांस का टुकड़ा रखा!रक्त के छींटे दिए,साध्वी के पास गया,रक्त के छींटे दिए,और उसको उठा लिया,वो अचेत थी अभी भी!उस कमल पर, लिटा दिया मैंने उसे,उसके श...

2 years ago
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