श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

आभूषण धारण किये रहती है,शेष देह नग्न है,एक हाथ में त्रिशूल,और दूसरे हाथ में अस्थि-दंड धारण करती है!शत्रु-भंजनी है!इक्कीस रात्रि साधना है इसकी,इक्कीस ब...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

या तो क्षमा मांग लो, या फिर पूर्ण करो,कोई भी साधना बिना गुरु की उपस्थिति के, कभी नहीं करनी चाहिए,यहां तक की प्रेत-साधना भी,मनुष्य की एक न चलेगी प्रेत ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

माँगा त्रिशूल अपना उसने, और दिया गया उसे वो त्रिशूल,एक महानाद किया उसने! और गाड़ दिया वहीँ!उठाया चिमटा अपना, खड़काया और मदिरा पी,चिमटे पर कुल्ला किया, औ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और चिल्लाया! महानाद किया!और लड़ाई देख वहां!तावक नाथ खड़ा था उधर ही! उसे साथी औघड़ भी, और उसकी साध्वियां भी!त्रिशूल नीचे पड़ा था उसका! उसे यक़ीन नहीं था कि ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

प्रकाश कौंधा!जैसे बिजली चमकी हो!अंगार बरसने लगे!चकाचौंध रौशनी फ़ैल गयी!मैं उठा और पहुंचा वहाँ!त्रिशूल गाड़ा उधर ही,भोग-थाल सजाया,और लेटा भूमि पर!और फूटा...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

विषैले सर्प!सभी के सभी!नाग थे सब! अनुभव क्र. ९२ भाग ७ (अंतीम)लेकिन घेरा न भेद पाये!शंख-घेरा काढ़ा था मैंने, कैसे भेदते!क्रौंच क्या, महाक्रौंच भी न भे...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

दूसरा औघड़, अलख संभालता रहा!और वे तीन,आये उठकर,एक के पास त्रिशूल था,भूमि में गाड़ा,और बैठ गया नीचे,कपाल उठाया,शराब का प्याला पिया,भूमि पर कुछ काढ़ा,और गल...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

तो ये प्रयोग किया जाए, तो अवश्य ही सफलता प्राप्त होती है,फिर से एक बार कहूँगा कि, सात्विक विचारधारा वाले ये प्रयोग न करें,बकरे की ताज़ा कलेजी लाएं सौ ग...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

सिद्ध होने के पश्चात,साधक तीन रात्रि और दिन,नेत्रहीन होता है!तदोपरांत साधना पूर्ण होती है! अत्यंत ही क्लिष्ट साधनाओं में से एक है!हैरत के बात थी! इस व...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

स्तनों से रक्त बहता रहता है,लाल होते हैं स्तन इसके,शेष देह नग्न है,मस्तक पर भाल धारण करती है,केश रुक्ष हैं,चौदह मसानों द्वारा सेवित है!ग्यारह महाशाकिन...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

अब मिहिरा ठीक थी, वही आई,बैठी, उसकी गोद में, और कस लिया उसे,अब पढ़े मंत्र उसने,मांस का भोग दिया अलख में!और फिर उस मिहिरा को उठा,चला आगे, लिटाया उसको,त्...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

भागा अलख तक!झोंका ईंधन!और उठाया कपाल!खोपड़ी पर, तीन थाप दीं हाथ से!और लड़ाई देख!नीचे बैठा था तावक नाथ!पाँव फैलाये!हाथ पीछे किये!दीप बुझ गए थे उसके!अलख श...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और उसका श्रृंगार किया पुनः!माँ कपालरुद्रा का आगमन हो रहा था! इसीलिए!और तभी चौम-चौम की आवाज़ आई!हर तरफ से, हर कोने से!ये भैलकण्टा का आगमन था!वो उधर प्रक...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"औंधिया?" चीखा मैं,एक दीया बुझा, और फिर जला!"आ! आ औंधिया!" बोला मैं,और दिया उसे भोग!एक प्रबल अट्ठहास!मसान हँसे, तो बल मिलता है!हुआ मैं खड़ा! और किया, श...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

कि मरे सामने हो वो तो,गरदन ही मरोड़ दूँ उसकी!कलेजा चीर दूँ!तिल्ली निकाल,कुत्तों को खिला दूँ,नेत्र निकाल, चीलों को खिला दूँ!दिल निकाल, चींटियों को खिला ...

1 year ago
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