Last seen: May 5, 2026
"कब तक जागेगा, ओ पागल?" बोली वो,"आपके सोने तक!" बोला मैे,वो हंसी, खिलखिलाकर,"मैं नहीं सोती, बताया था न?" बोली वो,"हाँ, बताया था!" कहा मैंने,"तू सो जा!...
और तब मैं निकला लिया वहां से! छह बजे निकलना था! चलो, आखिर वो समय आ ही गया था जब मैं मिलता उस साधिका से! आमने-सामने! भले ही ये लोग मना करें, लेकिन मुझे...
और मैं, तेज पाँव पटकता, निकल आया बाहर! कुछ पलों के लिए मेरी धड़कनें ज़रूर तेज हुई थीं, लेकिन फिर संयम से काम लिया! इस बार न रुका कहीं भी, सीधा चला आया क...
इतना बताते बताते, उसकी रुलाई फूट पड़ी, मैं जानता था, उसने सीने में दर्द पाल रखा है, दर्द, एक ऐसा दर्द जिसका कोई ईलाज मुहैय्या न हो सका था, ये बेचारी नय...
"लोना, तो, संध्या-समय मैं उपस्थित होऊं या फिर तुम बुला लोगी?" पूछा मैंने,"मैं ही बुला लूंगी!" बोली वो,"ठीक है लोना! अब चलूँगा!" कहा मैंने,"रुकिए तो?" ...
उस रात, अमावस की रात, पूरा वो स्थान जगमगा रहा था! जगह जगह अलाव जल रहे थे, मंदिर की दीवारों में बने पत्थर के कुंदों में, मशालें लगाई गयी थीं! मंदिर के ...
मुझे यही उम्मीद भी थी कि वो झेंपेगी, और झेंपी भी! उसे शायद भान नहीं था, कि इस संसार में बिना श्रम किये तो मृत्यु भी नहीं प्राप्त होती! और वो साधिका तो...
"सच में जानना चाहता है तू?" बोली वो,"हाँ, सच में!" कहा मैंने,"विश्वास कर लेगा?" पूछा उसने,"क्यों नहीं!" कहा मैंने,"अरे पागल! अरे पागल!" बोली वो,"पागल ...
"समय!" कहा मैंने,"समझे?" बोली वो,''सम्भव नहीं!" कहा मैंने,"क्यों?" बोली वो,"आप नहीं जानते?" कहा मैंने,"जो आप जानते हो, वो ताओ?" बोली वो,मैं फिर से मुस...
"सुन?" बोली वो, सर अभी तक, मेरे कंधे पर ही रखा था उसने,"हाँ?" बोला मैं,"भोजन किया तूने?" पूछा उसने,ओह.......सच कहता हूँ, उसका वो लहजा, ये पूछने का, मे...
"मैं पूछ रहा था कि इस साधिका, यामिनि का, आखिर सत्य क्या है?" पूछा मैंने,"कैसा सत्य?" पूछा उसने,"यही कि वो षकदूल विद्या की जानकार है?'' पूछा मैंने,"हाँ...
तो आधे घंटे को जैसे तैसे, अकड़-पकड़, धक्का दिया! बीता आधा घंटा और फिर मैं चल पड़ा उस लोना से मिलने! अब तक काफी चहल-पहल बढ़ चुकी थी वहां, कुछ लोग लकड़ियां उ...
"हाँ, सही बात है!" कहा मैंने,"वो ढेण्डा जो आये थे न?" बोली वो,"हाँ?" कहा मैंने,"खोटे आदमी थे वो तीनों!" बोली वो,"अच्छा!" कहा मैंने,"बदनीयत वाले, कमीने...
"क्यों?" पूछा उसने,"पता नहीं क्या!" कहा मैंने,"समझ सकती हूँ" बोली वो,"इस लोना में कुछ अलग ही आकर्षण सा है, दैहिक तो है ही, लेकिन कुछ और भी!" कहा मैंने...
