श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

किसी तरह से समय काटना पड़ा, कभी अस्पताल से बाहर, और कभी अस्पताल के मैदान में, पेड़ लगे थे वहीँ जा बैठते थे, चाय कितनी पीं, कोई गिनती नहीं! मुझे चिंता थी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

"पीछे बना रखा होगा?" पूछा शर्मा जी ने,"हाँ, शायद" कहा मैंने,"पहले तो शायद तालाब था?'' बोले वो,"अरे हाँ!" कहा मैंने,"आया न याद?" बोले वो,"हाँ, दो साल त...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

कुछ देर तलक बातें कीं, आधे घण्टे में महेश लौट आया, उसको शाम सात बजे का कह दिया था, अब करीब आधा घण्टा बीत चुका था, तब मैंने शहरयार जी को भेजा बाबा के प...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

मैं अब रोष में आने लगा था, मुझे ये वयवहार ही अजीब सा, कटुतापूर्ण और असहनीय लगने लगा था! हैरत की बात थी कि वहां ऐसा कोई भी नहीं था जो रिपुना की व्यथा स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"हाँ, पता है!" कहा मैंने,"यहां कोई व्यवस्था नहीं!" बोला वो,"देख लिया है!" कहा मैंने,"और फिर साधिका को तो कोई लाता नहीं यहां!" बोला वो,"क्यों?" पूछा मै...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

दरअसल, मधु का मामला अपने आप में बड़ा ही अजीब था! ये था तो पुनर्जन्म से सम्बन्धित, लेकिन कुछ ऐसा, कि सबसे ही अलग! सबसे ही अलग! यूँ समझिये, कि एक अनजान स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

तो ककड़ी के साथ ही हमने एक एक बड़ा सा, 'घन्टाल-पैग' गले से नीचे उतार लिया! मजा ही आ गया! ककड़ी तो कलाकन्द का सा मजा देने लगी! कहने को सिर्फ ककड़ी ही थी, ल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

"रिपुना, आओ?" कहा मैंने,वो पहले से ही घबराई हुई थी, अब तो जान ही निकलने लगी थी उसकी!"उठो, अब जो होना था, हो लिया! अब मत डरो रिपुना! तुम्हारा डर ही तो ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मैंने पहले भी बरताया था, लिखा भी था कि, जिस विषय को मैं नहीं बताना चाहता यहां, वो या तो विवाद उत्पन्न करेगा अथवा, किसी की श्रद्धा के विपरीत जाएगा! अतः...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

"अच्छा?" चीखा वो!"हट ले! अभी हट ले! समझा?" बोला मैं,"क्या कर लेगा तू? हैं?" बोला वो, सीना तान के!"दो साले के एक खींच के थोबड़े पर! *** का जंवाई कहीं का...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

वो आगे, और आगे बढ़े जा रही थी, न जाने मेरे मन में कुछ आशंका सी उभरी, मैंने झट से अपने जूते और जुराब उतार फेंके और दौड़ लिया उसकी तरफ! उसने देखा मुझे, गं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

मैं आ गया था उसके पास! हवा बहुत तेज थी! पानी से टकरा कर आती हवा, ठंडक से भरी हुई, टकरा जाती थी बदन से! कपड़े फ़ड़फ़ड़ा जाते थे! मैं आया उस तक, वो, दूर नदी ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

तो इस तरह से दो दिन बीत गए! उस दिन मैं उसी स्थान पर था, जहां से इस क्रिया का निष्पादन किया जाना था! श्मशान में, 'भूमि' का मोल दिया जाता है, ये आवश्यक ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

तो मैं उसे, एक ऊँची सी जगह ले आया था, बहुत ही सुंदर जगह थी वो! दरअसल वो एक नदी का किनारा था, खादर का क्षेत्र था उस नदी का! रेत था वहां, और रेतीली झाड़ि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

ये साधिका, यू कहाँ जाए कि, तलछट में जमी हुई उस सोने की कणियों जैसी थी, जिसकी चमक न धूप में ही जाती है और न रात में ही, न सुबह की लालिमा में रंग छोड़ती ...

2 years ago
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