श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

अलख में ईंधन झोंका जाने लगा! वहां भी और यहां भी! अलख तो जैसे भड़ाके छोड़े जा ही थीं महाताप के! आज अलख भिड़ने चली थीं! अलख ही तो प्राण हुआ करती है एक औघड़ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मैं उस स्थान पर जा पहुंचा! आसपास से, तीव्र गन्ध उठ रही थी गैंदे के फूलों की! बेहद ही प्यारी और पावन थी वो गन्ध! गैंदे के फूल खिले हुए थे, तामसी-गैंदा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

अब सामान्य हो चली थी आस्था! जैसे कुछ हुआ ही नहीं था! ये सच है, जब भी कोई सामान्य व्यक्ति, इन ऊर्जावान अशरीरियों के सम्पर्क में आता है, तो उनके अंगों क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मेरे पास से गुजरता हुआ वो साधक, जिसकी उम्र करीब पचपन होगी मुझे देख मुस्कुराया! मैं भी मुस्कुराया! वो आगे आया और मेरा कमरबन्द, कस दिया उसने! मैंने उसके...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

आ गया अपने कक्ष में, आकर, कपड़े बदल लिए! पानी पिया और लेट गया! उस समय करीब, साढ़े पांच का वक़्त रहा होगा! अभी बस कोई बीस मिनट ही सोया होऊंगा कि दरवाज़े पर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

वाचाल का अट्ठहास गूंजता रहा! और झक्क की एक तेज आवाज़ करते हुए, वाचाल, वो राजसिक महाप्रेत प्रकट हुआ! भीग तैयार था! भोग स्वीकार हुआ और उसके बाद, वाचाल मह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

चार बजे तक का वक़्त, इसी होलझोल में निकल गया! मैंने कोमल को क्यों रोका था? इसकी एक वजह थी! ये वजह, मुझे भविष्य में कुछ लाभ दे सकती थी! और वैसे भी, कोमल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

अब अपनी साधिका का हाथ पकड़, आया उस स्थान पर, जो अब मेरी, प्रातःकाल तक, इस द्वन्द के अंत तक, कर्मभूमि होनी थी! महायोगिनी को नमन किया, चौंसठ योगिनिंयों क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"क्या हुआ?" पूछा उसने,"तब तो मालकिन हुईं तुम तो!" कहा मैंने,"रहने दो!" बोली वो,"क्यों?" पूछा मैंने,"ऐसे ही, जाने दो!" बोली वो,"चलो कोमल, मिलूंगा बाद म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

अब ये समस्या अपने आप में, बहुत बड़ी थी! अब क्या किया जाए? काया प्रबंध हो जाएगा? न हुआ तो? न हुआ तो, बांधव-क्रिया करनी होगी, परन्तु, उसके लिए समय नहीं! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"तो कुछ भी नहीं क्या?" बोली वो,"सुनो, मुझे नहीं पता, मुझसे बात करना दो दिन के बाद, ठीक?'' कहा मैंने,"हाँ, चलो, कोई बात नहीं" बोली वो,"इस जेवरनाथ से भी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

मैं चला गया स्नान करने! स्नान किया और वस्त्र पहन, आ गया वापिस बलदेव के पास, बलदेव और बिसन वहीँ बैठे थे,"आइये, बैठिये!" बोला बलदेव!"क्या रहा?" पूछा मैं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"आप बैठिये, मैं आया!" बोला मैं,"कौन नन्दा?" बोले वो,"है यहां कि एक औरत!" कहा मैंने,"उसी सिलसिले में?" बोले वो,"हाँ, शायद!" कहा मैंने,"आइये, यहीं बैठा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

गाड़ी सरपट दौड़ पड़ी हमारी! मेरे मन में कोई भय नहीं था, मुझे अभी वहां पहुँच कर, श्री जी से बात करनी थी, आदेश लेना था, आज्ञा लेनी थी! फिर तो समक्ष कोई भी ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"लेकिन वो नहीं मान रहा?" बोली वो,"मान जाएगा!" कहा मैंने,"वो कैसे?" पूछा उसने,"बोलो कि कहीं निकल गयी हे, दो दिन बाद चली आएगी!" कहा मैंने,"वो पूछेगा कि ...

2 years ago
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