श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

मैं फिर रुका, अब मैं उनसे कोई छह फीट दूर था, वहाँ झाड़-झंखाड़ थे, कुछ जंगली रमास के पेड़ थे, बर्रे उड़ रहे थे, शायद छत्ता था उनका वहाँ, “कौन हो तुम लो...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

दुशाला सी ओढ़े! वे चार थे! वे भी हमे ही देख रहे थे! एक ने दुशाला उठायी, और अपनी तलवार निकाली! वे आक्रामक थे, सभी के सभी! एक बात और, उनकी ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

बाहर आये, और फिर मैंने आसपास देखा, सब जगह ऐसा ही नज़ारा था! किसी वक़्त का ज़िंदा शर अब मृत था! कुछ नहीं था वहाँ, बस झाड़-झंखाड़ और उन दीवारों से झांकते...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

अब मैंने उनको अपने साथ वाले कमरे में सोने को कहा, वो कमरा जिसका था वो आज कहीं और सोता, “कोई भी दिखे, मुझे बताइये, घबराइये नहीं” मैंने कहा, “जी” वे...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“कैसे?” वे बोले, “वो पता चल जाएगा” मैंने कहा, “अच्छा!” वे बोले, “हाँ!” मैंने कहा, “बढ़िया!” वे बोले, “एक काम कीजिये?” मैंने कहा, “जी?” उन्ह...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“हाँ जी” वे बोले, “नज़र मारो, कहीं कोई दिख रहा है?” मैंने पूछा, उन्होंने चारों तरफ देखा, ऊपर खंडहर के, आगे, पीछे, “कोई नहीं है” वे बोले, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

एकबार फिर से चाय पी, अब शाम का धुंधलका छाने लगा था, नितेश और अशोक वहीँ थे दोनों, अब सलाह हुई कि अब चला जाए वो स्थान देखने जहां वो हादसा पेश आया था, वे...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

फिर चाय आ गयी, वो भी पी! साथ में कचौड़ियां भी खायीं! तीखी! मसालेदार! हम वहीँ बैठे थे! एक बैठक में! नितेश भी वहीँ थे! “कोई दिखा?” मैंने पूछा, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

शाम को आये, तो बताया कि टिकट हो गए हैं, दो दिन बाद के, ये ठीक था, हम दो दिन बाद वहाँ के लिए निकल पड़े! हम अजमेर पहुंचे, अशोक जी लेने आये थे ह...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

अब मैंने एक धागा पढ़ा, और उसको बाँध दिया उनके हाथ पर, अब कमसे कम कोई क्षति नहीं पहुँच सकती थी उनको, “कब दर्शन देंगे गुरु जी?” अशोक जी ने पूछा, “मैं...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“घर से बाहर शहर जाने के रास्ते में पड़ता है” वे बोले, “उन्होंने रोका नहीं?” मैंने पूछा, “मैं बस में था” वे बोले, “चारों थे?” मैंने पूछा, “हाँ ज...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

ये भी तो झूठ नहीं बोल रहे! हो सकता है, ऐसा हो! बड़ा अजीब! “अच्छा, फिर?” मैंने पूछा, “मैं घर पहुंचा किसी तरह, घर पर भाइयों ने मेरा हाल देख...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“फिर?” मैंने पूछा, “मैंने ऐतराज जताया, तो एक ने मेरे सर के बाल पकड़ कर कहा कि अगर मैं नहीं बताऊंगा तो वे मुझे मार कर गाड़ देंगे ज़मीन में, मैं डर गया, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“मैंने घड़ी में समय देखा, साढ़े सात हो चुके थे, मैंने सोच कि अब चला जाए वापिस, मैंने मोटरसाइकिल स्टार्ट की, आगे चला, तो पता चला कि पंक्चर हो गया है पिछल...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

और फिर तीन दिन के बाद वे आ गए! नितेश जी बहुत घबराये हुए थे! मैंने उनको पानी पिलवाया! उन्होंने पानी पिया, “अब बताइये” मैंने पूछा, वे सोच में ...

1 year ago
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