श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“बोलो?” मैंने कहा, “पकड़ लो सभी को!” वे बोले, “नहीं!” मैंने कहा, “क्यों नहीं?” वे बोले, “नहीं, यहाँ ज़ुबाँ दी है, मैंने भी और उन्होंने भी” वे बो...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“कहाँ है?” मैंने पूछा, “वहीँ जहां पहले मिले थे” वो बोला, “और मैं पहचानूँगा कैसे?” मैंने पूछा, “मैं वहीँ मिलूंगा” वो बोला, “ठीक है” मैंने कहा, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

चलो, कोई तो मिला, जिसको पता है! “अच्छा, एक बात और?” मैंने कहा, “बोलो?” वो बोला, “उसको तंग नहीं करोगे अब” मैंने कहा, “नहीं करेंगे!” वो बोला, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“तुम चार ही थे या और भी थे?” मैंने पूछा, “और भी थे” वो बोला, “वो कहाँ हैं?” मैंने पूछा, “यहीं हैं” उसने कहा, “कहाँ?” मैंने पूछा, “यहीं हैं” ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

अब मैंने और कुरेदने की सोची! इस से मुझे उनको यक़ीन दिलाने में मदद मिलती, हो सकता है कि वो ऐसे ही मान जाएँ! “अच्छा एक बात बताओ?” मैंने पूछा, “पूछो?”...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

मैं आगे बढ़ा, वे पीछे हुए, मैंने अपने कमरे के ऊपर देखा, छत पर दो आदमी खड़े थे! ये वही थे! मैं और आगे बढ़ा, वे फिर हटे, “डरो नहीं!” मैंने कहा, ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

उसकी हालत वाक़ई में बहुत खराब हो चली थी, उसको हर पल यही लगता था कि कोई उसको देख रहा है, कोई लगातार नज़र रखे हुए है, और मौक़ा पड़ते ही कोई उस पर हमला कर दे...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

और फिर कुछ ही देर में हम चल पड़े शहर के लिए, वहाँ घूमे थोड़ा बहुत और कुछ नमकीन आदि खाया, फिर कुछ सामान खरीद लिया, ये रात के लिए महफ़िल सजाने में काम आना ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“कैसे?” उन्होंने पूछा, “वे माल के लिए आये हैं, और उनको लगता है कि माल का पता ये नितेश बता सकता है, इसीलिए” मैंने कहा, ”अच्छा” वे बोले, “हाँ” मैं...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“ये तो है” मैंने कहा, “अब ये डाकू, क्या नाम बताया? राम लुभाया!, ये सरदार है इनका, अब ये माल ढूंढ रहे हैं!” वे बोले, “हाँ!” मैंने कहा, “इतिहास वर...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“नहीं” वो बोला, “जब गुरु जी हैं तो लगेगा भी नहीं” वे बोले, “हाँ” वे बोले, उसके बाद हम बैठे रहे, बातें करते रहे, फिर अशोक और नितेश चले गए, रह...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

अशोक जी ने सारा हाल कह सुनाया! घर में भय का माहौल छा गया! शर्मा जी ने समझाया अब! अब मैंने नितेश से कह दिया, कि अब वो हमारे कमरे में ही सोये, वो ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

इस सब के बीच ख़राब चालीस मिनट लगे थे! वे लोग बस मुझे ही देख रहे थे और किसी को नहीं! अब मैं वापिस आया वहाँ से, उनके पास, नितेश ने सबकुछ देखा था, क्योंकि...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

उसने गुस्से से देखा! “मेरी गरदन उड़ाएगा न तू?” मैंने पूछा, “यहीं धड़ से अलग कर दूंगा, सर साथ ले जाऊँगा!” वो बोला, “अच्छा!” मैंने कहा, इतने में द...

1 year ago
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RE: वर्ष २०११ अजमेर के पास की एक घटना

“कहाँ मारी डकैती?” मैंने दबी सी आवाज़ में पूछा, वे चुप! अवाक! गुस्से में! “बताओ तो?” मैंने पूछा, कोई न बोला! “डाका मारा था की नहीं?” मैंने ...

1 year ago
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