श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

अवनीश जी के माँ-पिता जी से बातें हुईं, आभास ही नहीं, यकीन था कि वे अंदर से, टूटे हुए हैं, उनका व्यवसाय चौपट हो चला था, चलो व्यवसाय तो देखा जाए, फिर से...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"अब क्या हुआ वनि?" पूछा मैंने,"चलो, फुरसत तो मिली!" बोली वो,"कैसी फुरसत?" पूछा मैंने,"पूछने की!" बोली वो,"आओ, बैठो पहले!" कहा मैंने,आई अंदर, पाँव पटकत...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

बाबा ने गिलास उठकर, उसमे अपनी ऊँगली डुबोई थी, ये स्थान-भोग था और ईष्ट-भोग भी था! उन्होंने किया तो मैंने भी किया! ईष्ट को भोग देना आवश्यक हुआ करता है! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

अब तक, मैं अपने दिमाग में उपजे, सवालों के सरकंडों के बीच आ खड़ा हुआ था, कुछ टूट गए थे और कुछ अभी भी ज़मीन, गहरी पकड़े बैठे थे! एक बात तो थी, मुझे उस घर म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"समझ गया, बेबाक सा!" कहा मैंने,"जी, वही" बोले वो,"अच्छा, आगे बताइए?" कहा मैनें,"अब, शीतल को यही लगता था कि रश्मि की वजह से, सास-ससुर के सामने, उनकी अह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

और तब, बाद में, साँझ का वक़्त हुआ! यहाँ की साँझ के क्या कहने! आसमान में, उड़ते परिंदे! बगुले आदि पक्षी! धनुष बना कर उड़ रहे थे! जैसे किसी चक्रव्यूह का धन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

कपूर साहब चले गए, अपने मातहत कुछ और ज़रूरी जानकारी जुटानी थीं उन्हें! इस काम में माहिर हैं कपूर साहब! छुरी भी हैं और छुरा भी, और खोआ भी! बस, जानकारी हा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

करीब, दो किलोमीटर चले होंगे हम, कि यहां लोगों की आवाजाही सी नज़र आई, कुछ लोग आते जाते से दिखे, कुछ महिलायें भी, कुछ चरवाहे से भी, कुछ दुधारू पशुओं के ल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"हाँ, फैली हुई गैस ने आग पकड़ी होगी, और ये हादसा हुआ" बोले वो,"सच में बेहद ही दुखद है" कहा मैंने,"क्या करें साहब" बोले वो,"ये किस वक़्त की बात होगी?" पू...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"अच्छा जी!" कहा मैंने,"जी गुरु जी" बोले, टूटे से वे, अवनीश जी,"अरे हाँ, बुरा न मानें, तो एक बात, इन सभी से पहले पूछ लूँ?'' पूछा मैंने,"बुरा क्या मानना...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

शर्मा जी का पेट अब सही था, दवा ने काम भी अच्छा ही किया था, नहीं तो आज फिर से यहीं रुकना पड़ सकता था, लेकिन उस देसी दवा ने कमाल कर दिया था! अब जाना तो य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली के पास की एक घटना, रचिता के वो अंजान ख़्वाब!

और तभी, एक सुनहरा सा उजाला हुआ! आसपास से जाइए, सोने के कण बिखरे! और किसी की आमद हुई! मेरी नज़र पड़ी! वो शीशे के समान श्वेत, चमकदार, पारदर्शी सा था! हाँ,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली के पास की एक घटना, रचिता के वो अंजान ख़्वाब!

दर्शन लाल जी से बातें कर, उन्हें समझा, और ताक़ीद कर कि रचिता को न उठायें जब तक वो खुद ही न उठे, हम वहां से निकल लिए थे! वहां से सीधा अपने स्थान पर आये,...

2 years ago
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