Last seen: May 5, 2026
"कब? कैसे?" उसने पूछा, अब मीना ने कुण्डी वाली बात से आरम्भ कर जलने वाली दुर्गन्ध तक सब बता दिया! उनके चेहरे पर भयमिश्रित भाव आते गए! "हमने पूजा-पा...
खुली पड़ी थीं! टेबल की, अलमारी की, सामने दीवार पर लगे लकड़ी के शोकेस की! उनका सामान बिखेर दिया गया था! उसको डर लगा! वो भागी वहाँ से, दरवाज़ा खोला और अ...
हुई, सारी घटनाएं विस्तार से बतायीं! पंडित जी ने पूजा करने के लिए हामी भर दी! दो बजे का तय कर दिया समय, रवि ने पता लिखवाया और सामग्री के लिए पैसे भी दे...
कुछ घंटे गुजरे, खाना खा लिया था, अब सोने का समय था! सो सभी सो गए, माता जी भी कल आने वाली थीं घर, वो रवि के छोटे भाई के पास रह रही थीं तब! उस रात.......
"सुनिए, घर में एक पूजा करवाइए" मीना ने कहा, "ठीक है, मै कल बात करूँगा" वे बोले, "तुमने उस आदमी को देखा था?" रवि ने पूछा, "हाँ" मीना ने बताया, ...
मीना अन्दर गयीं! आशा भी, सारा सामान सही था! कुछ बिखरा नहीं था! अब एक दो बार हो तो माना जाए, समझा जाए, यहाँ तो एक के बाद एक नए नए शगूफे खिल रहे थे! "...
अब वो फ़ारिग हुईं, दरवाज़ा खोला तो आराम से खुल गया! उन्होंने बटन बंद किया बल्ब का, बटन बंद करने के बाद भी बल्ब ज्यों का त्यों जलता रहा! "क्या खाक़ ठ...
"कोई बात नहीं" रवि बोले, "और वैसे भी कोई अपॉइंटमेंट नहीं है आज" वे बोलीं, "ठीक है" वे बोले, दोनों ने कॉफ़ी ख़तम की अब! एक डेढ़ घंटा बीता, रवि उठ...
आये ही नहीं हैं अभी तक! तो कौन था दरवाजे पर फिर? अभी वो सोच ही रही थी कि उसने सामने से मुडती हुई गाड़ी देखी, गाड़ी रवि की ही थी, उसने इंतज़ार किया और ...
इसके बाद अपने अपने कार्यों में मग्न हो गए दोनों! दोपहर के समय बिजलीवाला आया, उसने गुसलखाने की दीवार में लगे बिजली के बोर्ड को खोला, जांचा, लेकिन तार...
चौंध पड़ी तो चौंकी दोनों! आशा ने बटन से बल्ब बंद कर दिया, अब चल पड़ी अपने अपने कमरे की तरफ दोनों! कमरे में आयीं वो तो नींद जैसे विदा ले चुकी थी उनसे, ...
अभी कोई बीस दिन ही बीते होंगे, एक रात की बात है, रवि की धर्मपत्नी मीना रात्रि को उठीं, समय होगा कोई एक बजे का, नौकरानी अपने छोटे से कमरे सो रही थी, मी...
"उठाओ?" मैंने ज़ोर से कहा! उसने डरते डरते उठाया! "इसके अपने उस जगह रखो जहां काटा था" मैंने कहा, उसने रखा! "अब हिलना नहीं" मैंने कहा, अब पद्म...
अब मै उसके और जय के मध्य आ गया, नीचे झुक और सांप के समीप गया! मैंने मीन-मस्तक शैल निकाला और भूमि पर रख दिया! "स्वीकार करें!" मैंने कहा, कोई प्रतिक...
